ट्रामाडोल (Tramadol): यह दवा क्या करती है और किन बातों का ध्यान रखें
इन नामों से भी जानी जाती है: ट्रामाडोल, tramadol, Tramazac, ट्रामाज़ैक, Contramal, Tramacip · ओपिओइड दर्दनिवारक, जिसका सेरोटोनिन और नॉरएड्रेनालिन पर भी असर होता है · अपडेट 2026-08-19 · केवल जानकारी के लिए — चिकित्सा सलाह नहीं
आसान भाषा में: यह दवा दो असरों को मिलाकर दर्द में राहत देती है: यह दिमाग और रीढ़ की हड्डी में मौजूद उन ओपिओइड रिसेप्टर को सक्रिय करती है जो दर्द के सिग्नल को दबाते हैं, और साथ ही सेरोटोनिन और नॉरएड्रेनालिन का स्तर भी बढ़ाती है — ये दिमाग के वे रसायन हैं जो शरीर के अपने दर्द को कम करने वाले रास्तों में शामिल रहते हैं। यही दोहरा असर एक वजह है कि इसे पूरी तरह ओपिओइड दर्दनिवारकों से अलग श्रेणी में रखा जाता है, फिर भी इसके साथ ओपिओइड दवाओं वाली निर्भरता और सुरक्षा से जुड़ी चिंताएं बनी रहती हैं।
किन चीज़ों के लिए दी जाती है
- मध्यम से मध्यम-तेज़ दर्द को संभालना
- कुछ प्रक्रियाओं या चोटों के बाद थोड़े समय के लिए दर्द से राहत
आम साइड इफेक्ट
- उल्टी जैसा मन
- चक्कर आना
- कब्ज़
- नींद या सुस्ती आना
- मुंह सूखना
- पसीना आना
गंभीर साइड इफेक्ट — इनमें तुरंत डॉक्टर से मिलें
धीमी, उथली सांस, खासकर शराब, नींद की दवाओं, या दूसरे ओपिओइड के साथ लेने पर
दौरे पड़ना, क्योंकि यह दवा दौरे पड़ने की सीमा को नीचे ला सकती है, खासकर ज़्यादा मात्रा पर या कुछ दूसरी दवाओं के साथ
सेरोटोनिन सिंड्रोम के लक्षण, जैसे बेचैनी, तेज़ बुखार, तेज़ धड़कन और मांसपेशियों का फड़कना, खासकर डिप्रेशन की दवाओं के साथ लेने पर
शारीरिक निर्भरता या विदड्रॉल के लक्षण, जिनमें घबराहट, पसीना और बेचैनी शामिल हैं, अगर नियमित इस्तेमाल के बाद दवा अचानक बंद कर दी जाए
गंभीर एलर्जी रिएक्शन, जिसमें चेहरे पर सूजन या सांस लेने में दिक्कत हो
यह दवा कौन-से लैब मान बदल सकती है
यह बात ज़्यादातर गाइड नहीं बतातीं: दवाएं ब्लड रिपोर्ट में दिखती हैं। अगर आप ट्रामाडोल (Tramadol) ले रहे हैं और नीचे दिया कोई मान रिपोर्ट में अजीब लग रहा है, तो उसकी एक वजह यह दवा भी हो सकती है — लेकिन डॉक्टर से पूछे बिना कोई दवा कभी बंद न करें।
इस दवा के साथ खून का सोडियम कम होने के मामले कभी-कभार ही बताए गए हैं, और माना जाता है कि इसका संबंध एंटीडाययूरेटिक हार्मोन के सिग्नल पर इसके असर से है; यह ज़्यादा चिंता की बात बुज़ुर्गों में होती है, या तब जब साथ में ऐसी दूसरी दवाएं भी चल रही हों जो सोडियम के स्तर पर असर डालती हैं।
सोडियम (Sodium)ध्यान रखने लायक बातें
- इस दवा को शराब के साथ लेना खतरनाक है और इससे पूरी तरह बचना चाहिए, क्योंकि दोनों सांस को दबाते हैं और यह मेल जानलेवा हो सकता है
- लंबे समय तक या बार-बार इस्तेमाल से शारीरिक निर्भरता हो सकती है, और नियमित इस्तेमाल के बाद अचानक बंद करने पर विदड्रॉल के लक्षण आ सकते हैं
- टॉन्सिल या एडेनॉइड निकालने के ऑपरेशन के बाद बच्चों को यह दवा नहीं दी जाती, क्योंकि उस खास स्थिति में सांस की गंभीर दिक्कतों की रिपोर्ट मिली हैं
- डिप्रेशन की दवाओं या सेरोटोनिन पर असर डालने वाली दूसरी दवाओं के साथ लेने से सेरोटोनिन सिंड्रोम का खतरा बढ़ता है, और इस पर डॉक्टर से बात होनी चाहिए
- जिन्हें पहले दौरे पड़ चुके हैं, उन्हें शुरू करने से पहले डॉक्टर से इस दवा के दौरे की सीमा नीचे लाने वाले असर पर बात करनी चाहिए
लोग अक्सर पूछते हैं
क्या यह दवा दूसरे ओपिओइड की तरह लत लगाने वाली है?
हां, इसके साथ शारीरिक निर्भरता और गलत इस्तेमाल का असली खतरा रहता है, जो किस्म में दूसरी ओपिओइड दवाओं जैसा ही है, भले ही इसके काम करने का तरीका कुछ अलग हो। इसे तय समय से ज़्यादा लंबे समय तक या ज़्यादा मात्रा में लेने से यह खतरा बढ़ता है। नियमित इस्तेमाल के बाद इसे छोड़ना धीरे-धीरे और डॉक्टरी सलाह के साथ होना चाहिए, ताकि घबराहट और पसीने जैसे विदड्रॉल के लक्षणों से बचा जा सके।
इसे डिप्रेशन की दवाओं के साथ लेना चिंता की बात क्यों है?
यह दवा दिमाग में सेरोटोनिन का स्तर बढ़ाती है, और डिप्रेशन की कई दवाएं भी यही करती हैं। दोनों साथ लेने पर सेरोटोनिन की गतिविधि ज़रूरत से ज़्यादा ऊपर जा सकती है, जिससे सेरोटोनिन सिंड्रोम हो सकता है — इसमें बेचैनी, बुखार, तेज़ धड़कन और मांसपेशियों का फड़कना शामिल हो सकता है, और यह गंभीर रूप भी ले सकता है। डिप्रेशन की दवाएं ले रहे किसी भी व्यक्ति को यह दवा जोड़ने से पहले अपने डॉक्टर को बता देना चाहिए।
टॉन्सिल के ऑपरेशन के बाद बच्चों में इसका इस्तेमाल क्यों नहीं होता?
कुछ बच्चों का शरीर इस दवा को असामान्य रूप से तेज़ी से उसके सबसे सक्रिय रूप में बदल देता है, और टॉन्सिल या एडेनॉइड निकालने के ऑपरेशन के बाद सांस की गंभीर, कभी-कभी जानलेवा दिक्कतों की रिपोर्ट के चलते बच्चों की इस खास स्थिति में दर्द से राहत के लिए इसकी सलाह देना बंद कर दिया गया। इन बच्चों के लिए दर्द से राहत के दूसरे तरीके इस्तेमाल किए जाते हैं।
यह जानकारी पढ़ने-समझने के लिए है और डॉक्टर की सलाह की जगह नहीं ले सकती। कोई भी दवा शुरू करने, बंद करने या उसकी मात्रा बदलने का फैसला उसी डॉक्टर का है जिसने वह दवा लिखी है।