संक्षेप में
यौन संचारित संक्रमण (Sexually transmitted infections) आम हैं, ज्यादातर मैनेज या ठीक हो सकते हैं, और नियमित टेस्टिंग डर या टालने की चीज़ नहीं बल्कि हेल्थकेयर का सामान्य हिस्सा है — जितने ज्यादा लोग रूटीन में टेस्ट कराते हैं, नतीजे उतने ही बेहतर होते हैं।
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STI क्या हैं और कितने आम हैं
यौन संचारित संक्रमण ऐसे इन्फेक्शन हैं जो यौन संपर्क के ज़रिए एक व्यक्ति से दूसरे में फैलते हैं, और इनमें बीस से ज्यादा पहचाने गए प्रकार शामिल हैं — क्लैमिडिया (chlamydia), गोनोरिया (gonorrhea), हर्पीज़ (herpes), HPV, HIV, और सिफलिस (syphilis) सबसे आम हैं। कई इतने आम हैं कि जीवन में कभी न कभी एक होना असामान्य नहीं बल्कि आम अनुभव है।
STI का एक बड़ा हिस्सा कोई लक्षण नहीं दिखाता, खासकर शुरुआत में, यही वजह है कि असामान्य डिस्चार्ज, घाव, या पेशाब में दर्द जैसे संकेतों का इंतज़ार करने के बजाय रूटीन टेस्टिंग ज्यादा मायने रखती है — जब ये लक्षण दिखते भी हैं, तो अक्सर तब तक इन्फेक्शन पार्टनर तक पहुंच चुका होता है।
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टेस्टिंग: रूटीन, रिएक्टिव नहीं
क्योंकि इतने सारे इन्फेक्शन बिना लक्षण के होते हैं, सिर्फ लक्षणों के आधार पर टेस्टिंग बहुत सारे मामले छोड़ देती है। यौन रूप से सक्रिय किसी भी व्यक्ति के लिए नियमित टेस्टिंग यौन स्वास्थ्य देखभाल का एक उचित हिस्सा है, जिसकी फ्रीक्वेंसी पार्टनर्स की संख्या, कॉन्डम के इस्तेमाल, और व्यक्तिगत जोखिम कारकों पर निर्भर करती है — यह अंदाज़ा लगाने के बजाय सीधे डॉक्टर से बात करने लायक विषय है।
टेस्टिंग जल्दी होती है, आमतौर पर यूरिन सैंपल, ब्लड ड्रॉ, या स्वैब (swab) से, और नतीजे गोपनीय रखे जाते हैं। टेस्ट मांगने में शर्माने की कोई बात नहीं है; यह प्रिवेंटिव केयर का एक रूटीन हिस्सा है, ठीक वैसे ही जैसे ब्लड प्रेशर या कोलेस्ट्रॉल चेक कराना।
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इलाज संभव है या नहीं, ईमानदारी से
बैक्टीरिया या परजीवी से होने वाले STI, जिसमें क्लैमिडिया, गोनोरिया, और सिफलिस शामिल हैं, एंटीबायोटिक्स से ठीक किए जा सकते हैं, और जल्दी इलाज से जटिलताएं रुकती हैं। हर्पीज़ और HIV जैसे वायरल STI को खत्म करने के बजाय मैनेज किया जाता है, लेकिन असरदार इलाज और दवा लक्षणों को नियंत्रित कर सकती है, और HIV के मामले में वायरस को इतना कम कर सकती है कि पार्टनर तक इसका ट्रांसमिशन रुक जाए।
STI का डायग्नोसिस एक मेडिकल स्थिति है जिसे मैनेज करना है, यह चरित्र पर कोई फैसला या व्यक्तिगत कमी नहीं है। पार्टनर को बताया जाना चाहिए ताकि वे भी टेस्ट करा सकें, जिससे उनकी सुरक्षा होती है, इलाज के बाद दोबारा इन्फेक्शन रोकने में मदद मिलती है, और इन्फेक्शन को बिना पता चले फैलते रहने से रोका जाता है।
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बचाव जो असल में काम करता है
लगातार कॉन्डम का इस्तेमाल ज्यादातर STI के ट्रांसमिशन का खतरा काफी हद तक कम करता है, हालांकि स्किन कॉन्टैक्ट से फैलने वाले इन्फेक्शन के लिए यह इसे पूरी तरह खत्म नहीं करता। वैक्सीनेशन, खासकर HPV के खिलाफ, कुछ हाई-रिस्क स्ट्रेन के इन्फेक्शन को रोकता है और बेहतर सुरक्षा के लिए संभावित एक्सपोज़र से काफी पहले लेने की सलाह दी जाती है।
पार्टनर के साथ टेस्टिंग हिस्ट्री और स्टेटस पर खुली बातचीत, साथ ही नियमित टेस्टिंग, सबसे असरदार बचाव तरीका पूरा करती है — कोई एक उपाय हर चीज़ को कवर नहीं करता, लेकिन कुछ को मिलाकर ज्यादातर खतरा कवर हो जाता है, बिना किसी एक उपाय के पूरी तरह परफेक्ट होने की जरूरत के।
स्रोत
- Sexually Transmitted Infectionsmedlineplus.gov
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