पैरों में जलन (Burning Feet): आमतौर पर इसका क्या मतलब होता है
इन नामों से भी खोजा जाता है: pairon me jalan, पैरों में जलन, burning feet, तलवों में जलन, talwon me jalan · अपडेट 13 सितंबर 2026 · केवल जानकारी के लिए — चिकित्सा सलाह नहीं
संक्षेप में: पैरों में जलन अक्सर डायबिटीज़, विटामिन B12 की कमी, या देर तक खड़े रहने से नसों में आई जलन की वजह से होती है, और यह एहसास हल्की गर्माहट से लेकर तेज़ जलन तक हो सकता है, खासकर रात में। यह आमतौर पर पैर की उंगलियों और तलवों से शुरू होकर आगे फैलती है। पैरों की जलन के साथ सुन्नपन, कमज़ोरी, या डायबिटीज़ का पहले से पता हो, तो डॉक्टर से जांच ज़रूरी है, क्योंकि नसों की असली वजह पहचानकर उसे संभालने से तकलीफ़ आमतौर पर कम हो जाती है।
कब डॉक्टरी मदद लें
पैरों की जलन के साथ सुन्नपन, कमज़ोरी, या चलने में दिक्कत हो तो जल्द से जल्द जांच ज़रूरी है।
डायबिटीज़ वाले व्यक्ति में जलन का एहसास हो तो नसों की सेहत पर नज़र रखने के लिए नियमित जांच करानी चाहिए।
लक्षण धीरे-धीरे बिगड़ते जाएं या पैरों से आगे फैलें तो डॉक्टर से जंचवाएं।
पैरों की जलन के साथ त्वचा में बदलाव, घाव, या इन्फेक्शन के संकेत हों तो समय रहते डॉक्टर को दिखाना ज़रूरी है।
आम कारण
- डायबिटिक न्यूरोपैथी — लंबे समय तक ब्लड शुगर ज़्यादा रहने से पैरों की नसें खराब होती हैं, जिससे जलन, झुनझुनी और सुन्नपन होता है।
- विटामिन B12 की कमी — B12 का स्तर कम होने से नसों का काम बिगड़ता है, जिससे आमतौर पर पैरों और हाथों में जलन होती है।
- पेरिफेरल न्यूरोपैथी — कई वजहों से नसों को नुकसान, जिनमें शराब का सेवन या कुछ दवाएं शामिल हैं, पैरों में जलन ला सकता है।
- देर तक खड़े रहना या कसे जूते — दबाव और खून का बहाव घटने से कुछ समय के लिए जलन भरी तकलीफ़ हो सकती है।
- एथलीट्स फुट या त्वचा के इन्फेक्शन — फंगल इन्फेक्शन से खुजली और त्वचा में बदलाव के साथ जलन हो सकती है।
- किडनी की बीमारी — किडनी की कार्यक्षमता घटने से नसों में जलन और पैरों में जलन का एहसास हो सकता है।
क्या राहत देता है
- ठीक नाप के, हवा आने-जाने वाले जूते पहनें और कसे मोज़े या जूतों से बचें।
- जलन से कुछ देर की राहत के लिए पैरों को ठंडे पानी में डुबोकर रखें।
- अगर डायबिटीज़ है तो ब्लड शुगर का स्तर ध्यान से संभालें, क्योंकि कंट्रोल नसों की सेहत बचाने में मदद करता है।
- अगर ब्लड टेस्ट में विटामिन B12 कम आए, तो डॉक्टर के बताए इलाज का पालन करें; नसों के लक्षण हों तो यह अक्सर इंजेक्शन होता है, सिर्फ़ खानपान नहीं।
किस डॉक्टर को दिखाएं
ब्लड शुगर और विटामिन B12 का स्तर जंचवाने के लिए शुरुआत फैमिली डॉक्टर से करें; अगर जलन बनी रहे या नसों को नुकसान का शक हो तो न्यूरोलॉजिस्ट को दिखाएं।
डॉक्टर अक्सर कौन-सी जांच कराते हैं
अगर यह लक्षण बना रहे, तो डॉक्टर आमतौर पर ये मान देखते हैं। हर मान का अपना गाइड है — नॉर्मल रेंज और उसे बदलने वाली चीज़ें।
लोग अक्सर पूछते हैं
क्या पैरों की जलन हमेशा डायबिटीज़ से जुड़ी होती है?
नहीं, डायबिटीज़ से नसों को नुकसान एक आम वजह ज़रूर है, लेकिन पैरों की जलन विटामिन B12 की कमी, देर तक खड़े रहने, कसे जूतों, या नसों की दूसरी बीमारियों से भी हो सकती है। ब्लड शुगर और B12 का स्तर जांचने वाले ब्लड टेस्ट सबसे आम अंदरूनी वजहों को पहचानने या खारिज करने में मदद करते हैं।
क्या विटामिन B12 की कमी से जुड़े नसों के लक्षण इलाज से ठीक हो सकते हैं?
विटामिन B12 की कमी से हुए नसों के लक्षण इलाज से अक्सर बेहतर हो जाते हैं, खासकर अगर कमी जल्दी पकड़ में आ जाए; जब नसें प्रभावित हों, तो डॉक्टर आमतौर पर सिर्फ़ खानपान के भरोसे रहने के बजाय B12 के इंजेक्शन देते हैं। लंबे समय तक बनी रही गंभीर कमी से नसों पर कुछ असर बचा रह सकता है, इसलिए समय पर जांच और इलाज मायने रखते हैं।
पैरों की जलन रात में अक्सर ज़्यादा क्यों लगती है?
नसों से जुड़ी जलन का एहसास आमतौर पर रात में ज़्यादा महसूस होने की बात कही जाती है, शायद इसलिए कि ध्यान बंटाने वाली चीज़ें कम होती हैं, लेटने पर खून के बहाव में बदलाव आता है, और नसों की संवेदनशीलता कुदरती तौर पर घटती-बढ़ती रहती है। पैरों को ठंडा और थोड़ा ऊंचा रखने से रात की तकलीफ़ कभी-कभी कम हो जाती है।
मिलते-जुलते लक्षण
स्रोत
- Peripheral neuropathy — NHSnhs.uk
- Burning Feet (Grierson-Gopalan) Syndrome — Cleveland Clinicmy.clevelandclinic.org
यह गाइड जानकारी के लिए है और डॉक्टर की जांच की जगह नहीं ले सकती। अगर कोई लक्षण गंभीर हो, तेज़ी से बढ़ रहा हो, या आपको चिंता हो रही हो, तो डॉक्टर को दिखाएं — जांच करा लेना और तसल्ली पा लेना कभी बेकार नहीं जाता।