भूख न लगना (Loss of Appetite): आमतौर पर इसका क्या मतलब होता है
इन नामों से भी खोजा जाता है: bhookh na lagna, भूख न लगना, bhookh kam lagna, भूख कम लगना, khane ka mann na karna · अपडेट 13 सितंबर 2026 · केवल जानकारी के लिए — चिकित्सा सलाह नहीं
संक्षेप में: छोटी-मोटी बीमारी, तनाव या गर्मी के मौसम में भूख का कुछ समय के लिए कम हो जाना आम है, और वजह ठीक होते-होते यह कुछ दिनों में लौट आती है। इस पर ध्यान देना तब ज़्यादा ज़रूरी हो जाता है जब यह दो हफ़्ते से ज़्यादा चले, इसके साथ बिना इरादे के वज़न घटे, या कोई और नया लक्षण भी दिखे, क्योंकि यह कभी-कभी किसी इन्फेक्शन, थायरॉइड के बदलाव या पाचन की समस्या का संकेत हो सकता है जिसकी जांच कराना फ़ायदेमंद रहता है।
इन हालात में तुरंत डॉक्टर को दिखाएं
भूख न लगना दो हफ़्ते से ज़्यादा चले, तो जांच कराएं।
भूख कम होने के साथ बिना इरादे के वज़न घटे, तो डॉक्टर से जांच कराएं।
भूख न लगने के साथ लगातार उल्टी, त्वचा का पीला पड़ना, या बहुत ज़्यादा थकान हो, तो बिना देर किए ध्यान दें।
बुज़ुर्गों में भूख न लगना, या भूख न लगने के साथ निगलने में दिक्कत हो, तो बिना देर किए जांच कराएं।
आम कारण
- छोटे-मोटे इन्फेक्शन — सर्दी-ज़ुकाम, फ़्लू या पेट का इन्फेक्शन आम तौर पर कुछ दिनों के लिए भूख दबा देता है।
- तनाव या घबराहट — मानसिक तनाव नर्वस सिस्टम के ज़रिए भूख के संकेतों को कमज़ोर कर सकता है।
- दवा के साइड इफेक्ट — कुछ दवाएं भूख कम करती हैं, जो एक ज्ञात और आम तौर पर कुछ समय के लिए रहने वाला असर है।
- पाचन से जुड़ी स्थितियां — एसिड रिफ्लक्स या गैस्ट्राइटिस खाने को तकलीफ़देह बना सकते हैं, जिससे खाने का मन कम हो जाता है।
- मन उदास रहना या डिप्रेशन — मूड में बदलाव आम तौर पर एनर्जी और नींद के साथ-साथ खाने में दिलचस्पी पर भी असर डालता है।
- थायरॉइड में बदलाव — थायरॉइड कम सक्रिय हो तो मेटाबॉलिज़्म धीमा पड़ जाता है और समय के साथ भूख कम हो सकती है।
क्या राहत देता है
- एक बार में ज़्यादा खाने के बजाय थोड़ा-थोड़ा और बार-बार खाएं।
- भूख कम हो तो पोषण से भरपूर और आसानी से खाए जा सकने वाले खाद्य पदार्थ चुनें।
- ठोस खाना अच्छा न लगे तब भी पानी पीते रहें।
- भूख जगाने में मदद के लिए थोड़ी देर टहलें या हल्की गतिविधि करें।
किस डॉक्टर को दिखाएं
शुरुआत अपने फैमिली डॉक्टर से करें, जो अंदरूनी वजहों की जांच कर सकते हैं और ज़रूरत पड़ने पर गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट जैसे किसी विशेषज्ञ के पास भेज सकते हैं।
डॉक्टर अक्सर कौन-सी जांच कराते हैं
अगर यह लक्षण बना रहे, तो डॉक्टर आमतौर पर ये मान देखते हैं। हर मान का अपना गाइड है — नॉर्मल रेंज और उसे बदलने वाली चीज़ें।
लोग अक्सर पूछते हैं
क्या बीमार होने पर भूख का कम हो जाना सामान्य है?
हां, सर्दी-ज़ुकाम, फ़्लू या पेट के इन्फेक्शन के दौरान कुछ समय के लिए भूख कम होना बीमारी के प्रति शरीर की सामान्य प्रतिक्रिया है और ठीक होते ही भूख लौट आती है। भूख कम रहने की इस छोटी अवधि में ज़्यादा मात्रा में खाने से कहीं ज़्यादा मायने रखता है शरीर में पानी की कमी न होने देना।
भूख न लगने पर डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?
अगर यह दो हफ़्ते से ज़्यादा चले, इसके साथ ध्यान देने लायक वज़न घटे, या थकान, त्वचा का पीला पड़ना या लगातार दर्द जैसे लक्षण भी दिखें, तो जांच करा लेना सही रहता है ताकि अगर कोई अंदरूनी वजह हो तो उसका पता चल सके और उसका सही इलाज हो सके।
मिलते-जुलते लक्षण
यह गाइड जानकारी के लिए है और डॉक्टर की जांच की जगह नहीं ले सकती। अगर कोई लक्षण गंभीर हो, तेज़ी से बढ़ रहा हो, या आपको चिंता हो रही हो, तो डॉक्टर को दिखाएं — जांच करा लेना और तसल्ली पा लेना कभी बेकार नहीं जाता।