पैरों में सूजन (Swollen Feet): आमतौर पर इसका क्या मतलब होता है
इन नामों से भी खोजा जाता है: pairon me sujan, पैरों में सूजन, pair sujna, टखनों में सूजन, swollen feet hindi · अपडेट 13 सितंबर 2026 · केवल जानकारी के लिए — चिकित्सा सलाह नहीं
संक्षेप में: पैरों में सूजन अक्सर लंबे समय तक बैठे या खड़े रहने, गर्म मौसम, या नमक वाले खाने से शरीर में हल्का पानी रुक जाने की वजह से होती है, और पैर ऊपर उठाकर रखने तथा चलने-फिरने से आम तौर पर ठीक हो जाती है। सूजन के साथ सांस फूले या सीने में दर्द हो, तो तुरंत इमरजेंसी सेवाओं को कॉल करें या तुरंत इमरजेंसी में जाएं, क्योंकि इसका मतलब हो सकता है कि खून का थक्का फेफड़ों तक पहुंच गया है; सूजन अगर नई हो, सिर्फ़ एक तरफ़ हो, दर्द के साथ हो, या ऊपर की ओर फैलती जाए, तो उसी दिन डॉक्टर को दिखाएं, क्योंकि यह थक्के, हृदय, किडनी या खून के संचार की किसी दिक्कत की ओर इशारा कर सकती है।
कब डॉक्टरी मदद लें
एक ही पैर में अचानक सूजन आए, खासकर दर्द या गर्माहट के साथ, तो खून का थक्का हो सकता है — तुरंत जांच कराएं।
सूजन के साथ सांस फूले या सीने में दर्द हो, तो तुरंत इमरजेंसी सेवाओं को कॉल करें।
कुछ दिनों तक आराम करने और पैर ऊपर उठाकर रखने से भी सूजन कम न हो, तो जांच कराएं।
नई सूजन के साथ पेशाब कम आए या बिना वजह वज़न बढ़े, तो डॉक्टर से जांच कराएं।
आम कारण
- देर तक खड़े या बैठे रहना — लंबे समय तक बिना हिले-डुले रहने पर गुरुत्वाकर्षण की वजह से पानी पैरों के निचले हिस्से में जमा हो जाता है।
- ज़्यादा नमक खाना — ज़रूरत से ज़्यादा सोडियम शरीर को आम से ज़्यादा पानी रोककर रखने पर मजबूर करता है।
- प्रेग्नेंसी — खून की मात्रा बढ़ने और हार्मोन के बदलाव से आम तौर पर पैरों और टखनों में सूजन आती है।
- दवा के साइड इफेक्ट — ब्लड प्रेशर की कुछ दवाएं और सूजन-रोधी दर्द की दवाएं (NSAIDs) साइड इफेक्ट के तौर पर शरीर में पानी रोक सकती हैं।
- खून का संचार कम होना या नसों की दिक्कत — पैरों की नसें कमज़ोर हो जाएं तो खून और तरल का ऊपर की ओर लौटना मुश्किल हो जाता है।
- हृदय, किडनी या लिवर की अंदरूनी बीमारी — ये अंग शरीर में पानी का संतुलन संभालते हैं, और इनके ठीक से काम न करने पर सूजन आ सकती है।
क्या राहत देता है
- आराम करते समय पैरों को हृदय के स्तर से ऊपर उठाकर रखें।
- नमक कम करें और पानी पूरा पिएं।
- नियमित रूप से चलते-फिरते रहें और देर तक बैठे या खड़े न रहें।
- आरामदायक, कसाव न डालने वाले जूते पहनें, या सलाह मिली हो तो कम्प्रेशन मोज़े पहनें।
किस डॉक्टर को दिखाएं
शुरुआत अपने फैमिली डॉक्टर से करें; सूजन कम न हो या इसके साथ सांस फूलती हो, तो कार्डियोलॉजिस्ट या नेफ्रोलॉजिस्ट के पास भेजा जा सकता है।
डॉक्टर अक्सर कौन-सी जांच कराते हैं
अगर यह लक्षण बना रहे, तो डॉक्टर आमतौर पर ये मान देखते हैं। हर मान का अपना गाइड है — नॉर्मल रेंज और उसे बदलने वाली चीज़ें।
लोग अक्सर पूछते हैं
दिन खत्म होते-होते मेरे पैर ज़्यादा क्यों सूज जाते हैं?
दिन भर बैठने या खड़े रहने के दौरान गुरुत्वाकर्षण तरल को नीचे की ओर खींचता है, इसलिए सूजन धीरे-धीरे बढ़ती जाती है और शाम तक सबसे ज़्यादा दिखती है। दिन में बीच-बीच में पैर ऊपर उठाकर रखना और चलते-फिरते रहना रोज़ के इस पैटर्न को कम करने में मदद करता है।
क्या पैरों की सूजन का किडनी या हृदय से संबंध हो सकता है?
हां, कुछ मामलों में। जब किडनी, हृदय या लिवर शरीर में पानी का संतुलन ठीक से नहीं संभाल पाते, तो तरल पैरों के निचले हिस्से में जमा हो सकता है। ऐसा तब ज़्यादा संभव है जब सूजन लगातार बनी रहे, बढ़ती जाए, या इसके साथ दूसरे लक्षण भी हों, और तब डॉक्टरी जांच ज़रूरी है।
मिलते-जुलते लक्षण
स्रोत
- Swollen ankles, feet and legs (oedema) — NHSnhs.uk
- Foot, leg, and ankle swelling — MedlinePlus Medical Encyclopediamedlineplus.gov
- Edema: Causes, Symptoms & Treatment — Cleveland Clinicmy.clevelandclinic.org
- Deep vein thrombosis (DVT) — NHSnhs.uk
यह गाइड जानकारी के लिए है और डॉक्टर की जांच की जगह नहीं ले सकती। अगर कोई लक्षण गंभीर हो, तेज़ी से बढ़ रहा हो, या आपको चिंता हो रही हो, तो डॉक्टर को दिखाएं — जांच करा लेना और तसल्ली पा लेना कभी बेकार नहीं जाता।