खांसी (Cough): आमतौर पर इसका क्या मतलब होता है
इन नामों से भी खोजा जाता है: khansi, खांसी, सूखी खांसी, लगातार खांसी, balgam wali khansi · अपडेट 13 सितंबर 2026 · केवल जानकारी के लिए — चिकित्सा सलाह नहीं
संक्षेप में: खांसी आमतौर पर शरीर का वह तरीका है जिससे वह सांस की नलियों से जलन पैदा करने वाली चीज़ें, बलगम या इन्फेक्शन बाहर निकालता है। ज़्यादातर खांसी सर्दी-जुकाम या सांस के हल्के इन्फेक्शन के बाद होती है और दो से तीन हफ्तों में अपने आप ठीक हो जाती है। जो खांसी इससे ज़्यादा लंबी चले, जिसमें खून आए, या जिसके साथ सांस फूले या सीने में दर्द हो, उसकी डॉक्टरी जांच ज़रूरी है, क्योंकि कभी-कभी यह ऐसी चीज़ का संकेत हो सकती है जिसके लिए खास इलाज चाहिए।
इन हालात में तुरंत डॉक्टर को दिखाएं
तीन हफ्ते से ज़्यादा बनी रहने वाली खांसी डॉक्टर से जंचवानी चाहिए।
खांसी में खून आना या गाढ़ा, रंग बदला हुआ बलगम आना — जल्दी डॉक्टरी जांच ज़रूरी है।
सांस फूलने, सांस में सीटी की आवाज़ या सीने में दर्द के साथ खांसी हो तो तुरंत ध्यान देने की ज़रूरत है।
लगातार खांसी के साथ बिना वजह वज़न घटे या रात में पसीना आए तो इसकी जांच होनी चाहिए।
बढ़ती हुई खांसी के साथ तेज़ बुखार छाती के इन्फेक्शन का संकेत हो सकता है, जिसका इलाज ज़रूरी है।
आम कारण
- सर्दी-जुकाम या वायरल इन्फेक्शन — कुछ समय रहने वाली ज़्यादातर खांसी सांस की ऊपरी नली के वायरल इन्फेक्शन के बाद होती है और बीमारी ठीक होते ही चली जाती है।
- पोस्टनेज़ल ड्रिप — एलर्जी या साइनस की जकड़न से बलगम गले के पिछले हिस्से में टपकता रहे तो अक्सर लगातार खांसी शुरू हो जाती है।
- एसिड रिफ्लक्स — पेट का एसिड गले तक ऊपर आकर सांस की नलियों में जलन पैदा कर सकता है और लंबे समय की सूखी खांसी करा सकता है।
- सांस की नलियों की संवेदनशीलता — संवेदनशील सांस की नलियां बार-बार लौटने वाली खांसी करा सकती हैं, खासकर रात में या कसरत के साथ।
- धूम्रपान या जलन पैदा करने वाली चीज़ों का संपर्क — धुआं, धूल या तेज़ रसायनों की गंध सांस की नलियों में जलन पैदा करके लगातार खांसी करा सकती है।
क्या राहत देता है
- पानी भरपूर पिएं, इससे बलगम पतला होता है और गले को आराम मिलता है।
- गले की जलन कम करने के लिए शहद या गर्म तरल पदार्थ लें, अगर वे आपके लिए ठीक हों।
- हवा ज़्यादा सूखी न हो जाए, इसके लिए ह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल करें।
- ठीक होने तक धुएं और सांस की नलियों में जलन पैदा करने वाली दूसरी चीज़ों से बचें।
किस डॉक्टर को दिखाएं
शुरुआत अपने फैमिली डॉक्टर से करें; तीन हफ्ते से ज़्यादा चलने वाली खांसी के लिए वे पल्मोनोलॉजिस्ट के पास भेज सकते हैं, और बच्चों के लिए पीडियाट्रिशियन सही पहला पड़ाव है।
लोग अक्सर पूछते हैं
चिंता करने से पहले खांसी कितने दिन तक रहनी चाहिए?
सर्दी-जुकाम से होने वाली ज़्यादातर खांसी दो से तीन हफ्तों में ठीक हो जाती है। अगर खांसी तीन हफ्ते से ज़्यादा चले, लगातार बिगड़ती जाए, या साथ में सांस फूलना, खून आना या वज़न घटना हो, तो डॉक्टर को दिखाने का समय है।
मुझे खांसी है लेकिन सर्दी-जुकाम का कोई और लक्षण नहीं, ऐसा क्यों?
बिना दूसरे सर्दी-जुकाम के लक्षणों वाली खांसी पोस्टनेज़ल ड्रिप, एसिड रिफ्लक्स, सांस की नलियों की संवेदनशीलता, या धुएं व धूल से होने वाली जलन से आ सकती है। अगर यह हफ्तों तक बनी रहे, तो डॉक्टर वजह पहचानने में मदद कर सकते हैं।
मिलते-जुलते लक्षण
यह गाइड जानकारी के लिए है और डॉक्टर की जांच की जगह नहीं ले सकती। अगर कोई लक्षण गंभीर हो, तेज़ी से बढ़ रहा हो, या आपको चिंता हो रही हो, तो डॉक्टर को दिखाएं — जांच करा लेना और तसल्ली पा लेना कभी बेकार नहीं जाता।