उल्टी (Vomiting): आमतौर पर इसका क्या मतलब होता है
इन नामों से भी खोजा जाता है: ulti, उल्टी, ulti aana, कै आना, vomiting hindi · अपडेट 13 सितंबर 2026 · केवल जानकारी के लिए — चिकित्सा सलाह नहीं
संक्षेप में: उल्टी आमतौर पर शरीर का वह तरीका है जिससे वह पेट से किसी जलन पैदा करने वाली या इन्फेक्शन वाली चीज़ को बाहर निकालता है — ज़्यादातर पेट के वायरल इन्फेक्शन, फ़ूड पॉइज़निंग, या ज़्यादा खा लेने से — और यह आम तौर पर एक दिन में ठीक हो जाती है। सबसे बड़ा खतरा शरीर में पानी की कमी का है, खासकर बच्चों और बुज़ुर्गों में। ज़ोरदार, बार-बार होने वाली उल्टी, उल्टी में खून आना, या उल्टी के साथ तेज़ दर्द या भ्रम की हालत — इनमें इंतज़ार करने के बजाय तुरंत डॉक्टरी जांच करानी चाहिए।
कब डॉक्टरी मदद लें
उल्टी 24 घंटे से ज़्यादा चलती रहे या शरीर में पानी की कमी के लक्षण दिखें, तो डॉक्टरी मदद लें।
उल्टी में खून जैसा दिखे या कॉफ़ी के दानों जैसा पदार्थ आए — यह अंदरूनी ब्लीडिंग का संकेत हो सकता है, तुरंत इमरजेंसी में जाएं।
उल्टी के साथ गंभीर पेट दर्द, गर्दन में अकड़न, या भ्रम की हालत हो, तो तुरंत इमरजेंसी में जाएं।
कुछ भी तरल पेट में न टिक पाए, खासकर छोटे बच्चों या बुज़ुर्गों में, तो बिना देर किए जांच कराएं।
आम कारण
- वायरल गैस्ट्रोएंटेराइटिस — पेट का एक आम वायरस, जिससे मरोड़ और कभी-कभी दस्त भी होते हैं।
- फ़ूड पॉइज़निंग — दूषित खाना खाने के कुछ घंटों के भीतर अचानक, ज़ोरदार उल्टी शुरू कर सकता है।
- माइग्रेन — तेज़ माइग्रेन में अक्सर सिरदर्द और रोशनी से चुभन के साथ-साथ उल्टी भी होती है।
- मोशन सिकनेस — सफ़र के दौरान होने वाली हलचल बैलेंस सिस्टम पर भारी पड़कर उल्टी करा सकती है।
- दवा या इलाज के साइड इफेक्ट — कुछ दवाओं और इलाजों में उल्टी एक ज्ञात साइड इफेक्ट है।
- ज़्यादा शराब पीना — शराब पेट की अंदरूनी परत में जलन पैदा करती है और ज़्यादा मात्रा में उल्टी करा सकती है।
क्या राहत देता है
- करीब एक घंटे तक पेट को आराम दें, फिर साफ़ तरल पदार्थ धीरे-धीरे घूंट-घूंट पिएं।
- खोए हुए पानी और नमक की भरपाई के लिए ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन (ORS) लें।
- उल्टी रुक जाने के बाद धीरे-धीरे हल्का खाना शुरू करें।
- तबीयत संभलने तक ठोस खाना, कैफ़ीन और शराब से बचें।
किस डॉक्टर को दिखाएं
शुरुआत अपने फैमिली डॉक्टर से करें; बच्चों के लिए पीडियाट्रिशियन सही पहला ठिकाना है, और लगातार बनी रहने वाली उल्टी में गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट के पास भेजने की ज़रूरत पड़ सकती है।
डॉक्टर अक्सर कौन-सी जांच कराते हैं
अगर यह लक्षण बना रहे, तो डॉक्टर आमतौर पर ये मान देखते हैं। हर मान का अपना गाइड है — नॉर्मल रेंज और उसे बदलने वाली चीज़ें।
लोग अक्सर पूछते हैं
उल्टी कब शरीर में पानी की कमी का संकेत होती है?
पेशाब कम आना, पेशाब का गहरा रंग, मुंह सूखना, खड़े होने पर चक्कर, या असामान्य थकान पर ध्यान दें। ये संकेत बताते हैं कि शरीर में पानी और नमक कम होते जा रहे हैं। ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन (ORS) थोड़ा-थोड़ा और बार-बार पीने से मदद मिलती है, लेकिन पानी की कमी के लक्षण बने रहें तो बिना देर किए डॉक्टर से जांच कराएं।
क्या उल्टी रुकते ही खाना खा लेना ठीक है?
बेहतर यही है कि करीब एक घंटा रुकें और पहले साफ़ तरल के छोटे-छोटे घूंट लें, उसके बाद टोस्ट, चावल या केले जैसा हल्का खाना आज़माएं। बहुत जल्दी खाना शुरू करने से दोबारा उल्टी हो सकती है, इसलिए धीरे चलें और मिचली लौट आए तो रुक जाएं।
मिलते-जुलते लक्षण
स्रोत
- Diarrhoea and vomiting — NHSnhs.uk
- Nausea and vomiting – adults — MedlinePlus Medical Encyclopediamedlineplus.gov
- Emesis (Vomiting & Throwing Up) Symptoms, Causes & Treatment — Cleveland Clinicmy.clevelandclinic.org
यह गाइड जानकारी के लिए है और डॉक्टर की जांच की जगह नहीं ले सकती। अगर कोई लक्षण गंभीर हो, तेज़ी से बढ़ रहा हो, या आपको चिंता हो रही हो, तो डॉक्टर को दिखाएं — जांच करा लेना और तसल्ली पा लेना कभी बेकार नहीं जाता।