संक्षेप में
लाइपोमा (चर्बी की गांठ) त्वचा के नीचे चर्बी की एक नरम, धीरे बढ़ने वाली, आमतौर पर बिना दर्द की गांठ है, जो उंगली से दबाने पर खिसकती है। यह नुकसानदायक नहीं होती और ज्यादातर को इलाज की जरूरत नहीं पड़ती, लेकिन NHS कहता है कि किसी भी गांठ की जांच कराएं। जो गांठ सख्त और अपनी जगह जमी हो, बढ़ रही हो, खून निकल रहा हो या दर्द कर रही हो, उसके लिए डॉक्टर को दिखाना जरूरी है।
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लाइपोमा (चर्बी की गांठ) क्या है?
NHS के अनुसार लाइपोमा (lipoma) त्वचा के नीचे बनने वाली एक नरम, चर्बी की गांठ है। वह कहता है कि लाइपोमा नुकसानदायक नहीं होते और आमतौर पर इलाज की जरूरत नहीं होती, लेकिन किसी भी गांठ की डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है। ब्रिटिश एसोसिएशन ऑफ डर्मेटोलॉजिस्ट्स (BAD) इसे चर्बी की कोशिकाओं से बनी कैंसर-रहित गांठ बताता है, जो आमतौर पर त्वचा के नीचे की चर्बी वाली परत में होती है और दुर्लभ मामलों में गहरी मांसपेशियों और अंगों में।
NHS के अनुसार लाइपोमा छूने में नरम और पिलपिले लगते हैं, मटर के दाने से लेकर कुछ सेंटीमीटर तक के हो सकते हैं, दबाने पर त्वचा के नीचे हल्के से खिसक सकते हैं, आमतौर पर दर्द नहीं करते, धीरे बढ़ते हैं और शरीर में कहीं भी हो सकते हैं। ये अक्सर कंधों, सीने, बांहों, पीठ, नितंबों या जांघों पर होते हैं। BAD के अनुसार ये आमतौर पर 10 cm से कम चौड़े रहते हैं, एक से ज्यादा हो सकते हैं, अक्सर मध्य आयु में दिखते हैं, और किसी भी उम्र के लोगों को हो सकते हैं।
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मैं लाइपोमा, सिस्ट या फोड़े में फर्क कैसे करूं?
लाइपोमा नरम या रबर जैसा होता है और उंगली से आसानी से खिसकता है। DermNet इसे त्वचा के नीचे की ऐसी गांठ बताता है जो खिसकने वाली, रबर जैसी या नरम, चिकनी, गुंबद या अंडे के आकार की होती है, आमतौर पर बिना दर्द की, और उसके ऊपर की त्वचा में कोई बदलाव नहीं होता। एपिडर्मॉइड सिस्ट, जिसे अक्सर गलती से सिबेशियस सिस्ट कहा जाता है, ज्यादा सख्त होता है: DermNet एक सख्त, गोल गांठ का वर्णन करता है जो त्वचा की सतह से जुड़ी होती है पर गहरी परतों के ऊपर खिसकती है, आमतौर पर 1 से 3 cm की, अक्सर बीच में एक बारीक छेद के साथ, जिससे बदबूदार, पनीर जैसा पदार्थ निकल सकता है।
DermNet समझाता है कि सिबेशियस सिस्ट नाम गलत प्रचलित है, क्योंकि इन सिस्ट में सिबेशियस ग्रंथियां शामिल नहीं होतीं और इनमें सीबम नहीं होता। फोड़ा (boil) इन दोनों से फिर अलग है: NHS के अनुसार फोड़ा एक सख्त, दर्द वाली गांठ है जो मवाद से भर जाती है, और अक्सर खुजली वाले या छूने पर दुखने वाले दाने से शुरू होती है। NHS कहता है कि फोड़े को कुरेदें, दबाएं या छेदें नहीं। BAD के अनुसार लाइपोमा को सिस्ट और दूसरी गांठों से अलग करने के लिए कभी-कभी स्कैन की जरूरत पड़ती है, इसलिए डॉक्टर को उसकी जांच करनी ही पड़ती है।
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क्या लाइपोमा कैंसर है, और क्या यह कैंसर बन सकता है?
आम लाइपोमा कैंसर नहीं होता। BAD कहता है कि लाइपोमा कैंसर-रहित होते हैं, और DermNet कहता है कि इनका कैंसर में बदलना बेहद दुर्लभ है। लेकिन NHS कहता है कि दुर्लभ मामलों में त्वचा के नीचे की गांठें किसी ज्यादा गंभीर बीमारी का संकेत हो सकती हैं, इसीलिए नई गांठ दिखानी चाहिए। BAD कहता है कि अगर गांठ का आकार बढ़ रहा है, तो इस बहुत ही दुर्लभ संभावना को खारिज करने के लिए कि वह लाइपोसार्कोमा (liposarcoma) जैसा कोई कैंसर है, बायोप्सी या गांठ निकालने जैसी आगे की जांचें करवाई जा सकती हैं।
एपिडर्मॉइड सिस्ट भी आमतौर पर कैंसर-रहित होते हैं। DermNet कहता है कि क्यूटेनियस स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा बहुत ही कम मामलों में उनके अंदर बन सकता है। व्यावहारिक बात किसी भी गांठ के लिए एक ही है: नरम, बिना दर्द की, धीरे बढ़ने वाली गांठ जो खिसकती है, लाइपोमा का आम पैटर्न है, और जो गांठ बदल रही हो, वह जांच कराने की वजह है।
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गांठ के बारे में डॉक्टर को कब दिखाएं, और क्या जरूरी है?
NHS के अनुसार डॉक्टर को दिखाएं अगर शरीर पर कहीं भी गांठ हो जाए, अगर गांठ दर्द करे, लाल हो या छूने पर गर्म लगे, अगर वह सख्त हो और खिसके नहीं, या अगर उसका आकार बढ़ जाए। BAD जोड़ता है कि अगर गांठ में चिंताजनक लक्षण आएं, जैसे तेजी से बढ़ना, उंगली के दबाव से न खिसक पाना, खून निकलना, घाव बन जाना, काफी दर्द या ऐसा दर्द जो सिर्फ दबाने से न हो, तो सलाह लें। वह कहता है कि त्वचा में कोई भी नई या बढ़ती गांठ हो तो डॉक्टर से मिलें।
फोड़े के लिए NHS ज्यादा अर्जेंट नियम देता है: अगर इनमें से कोई भी एक बात लागू हो तो अर्जेंट अपॉइंटमेंट मांगें: उसके आसपास की त्वचा गर्म, दर्द वाली और सूजी हुई लगे, आपको गर्मी, ठंड या कंपकंपी लगे, वह चेहरे पर हो, या आपकी रोग-प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो, जैसे स्टेरॉइड या डायबिटीज़ से। NHS त्वचा की किसी भी ऐसी गांठ के लिए यही अर्जेंट सलाह देता है जो दर्द वाली, लाल या गर्म हो। DermNet कहता है कि फटने वाला सिस्ट सूज सकता है, लाल हो सकता है और छूने पर दुख सकता है, कभी-कभी इन्फेक्शन की वजह से, इसलिए बुखार के साथ गर्म, सूजी हुई गांठ को भी उतना ही अर्जेंट मानें और आज ही डॉक्टर को दिखाएं। हमारे पढ़े स्रोत यह नहीं बताते कि गांठ कितनी बड़ी होने पर जांच जरूरी है, इसलिए सिर्फ आकार कसौटी नहीं है; बदलाव, सख्ती, अपनी जगह जमा होना और दर्द कसौटी हैं।
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लाइपोमा की जांच कैसे होती है?
BAD के अनुसार लाइपोमा का डायग्नोसिस किसी स्वास्थ्यकर्मी की जांच से होता है। NHS के अनुसार डॉक्टर आमतौर पर बता पाता है कि गांठ लाइपोमा है या नहीं, और अगर कोई शक हो तो वह आपको स्कैन के लिए भेज सकता है। BAD के अनुसार लाइपोमा को सिस्ट सहित दूसरी कैंसर-रहित त्वचा की गांठों से, या कैंसर के ट्यूमर से अलग करने के लिए कभी-कभी अल्ट्रासाउंड, CT या MRI स्कैन की जरूरत पड़ती है, और अगर गांठ बढ़ रही है तो बायोप्सी या पूरी गांठ निकालने की व्यवस्था की जा सकती है।
DermNet के अनुसार लाइपोमा का आमतौर पर जांच करके ही पता चल जाता है, और शक होने पर इमेजिंग या बायोप्सी पर विचार किया जाता है। अगर लाइपोमा निकाला जाए, तो NHS के अनुसार उसे यह पक्का करने के लिए लैब भेजा जा सकता है कि वह क्या है।
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क्या लाइपोमा निकलवाना जरूरी है, और क्या यह दोबारा आ सकता है?
ज्यादातर को नहीं। BAD के अनुसार ज्यादातर लाइपोमा निकालने की कोई मेडिकल जरूरत नहीं होती, और NHS कहता है कि वह लाइपोमा तभी निकालता है जब वे बढ़ रहे हों या अपनी जगह की वजह से लक्षण दे रहे हों। BAD के अनुसार इन्हें अक्सर सुंदरता के कारण निकलवाया जाता है। DermNet के अनुसार लाइपोमा का इलाज तभी जरूरी है जब वे आसपास के हिस्सों पर दबाव डालकर लक्षण पैदा करें, और इलाज होने पर सबसे ज्यादा बार वजह सुंदरता की चिंता होती है।
दोबारा होने के बारे में DermNet कहता है कि सर्जरी से निकालने के बाद लाइपोमा का उसी जगह लौटना दुर्लभ है, और लिपोसक्शन या लेजर तकनीकों से सुंदरता के नतीजे बेहतर मिलते हैं लेकिन इनमें दोबारा होने की दर काफी ज्यादा होती है, क्योंकि थैली (कैप्सूल) पूरी तरह नहीं निकलती। एपिडर्मॉइड सिस्ट के लिए DermNet कहता है कि अगर सिस्ट फट गया हो या उसकी थैली पूरी तरह न निकाली गई हो, तो वह दोबारा हो सकता है, और ज्यादातर छोटे, बिना जटिलता वाले सिस्ट को इलाज की जरूरत नहीं होती। अगर सिस्ट में इन्फेक्शन हो जाए, तो DermNet के अनुसार एंटीबायोटिक और मवाद निकालने की जरूरत पड़ सकती है, इसलिए उसे दबाने की कोशिश करने के बजाय डॉक्टर से मिलें।
त्वचा के नीचे गांठ: कितनी जल्दी कदम उठाएं
सामान्य — डॉक्टर को दिखाएं
आपको नई गांठ है, या ऐसी गांठ है जो सख्त है और खिसकती नहीं, बढ़ रही है, खून निकल रहा है या घाव बन रहा है: डॉक्टर से मिलें। NHS कहता है कि किसी भी गांठ की जांच कराएं, और BAD तेजी से बढ़ना, उंगली के दबाव से न खिसकने वाली गांठ, खून निकलना, घाव बनना और काफी दर्द को सलाह लेने की वजह बताता है।
आज ही — तुरंत संपर्क करें
आपको ऐसी गांठ या फोड़ा है जो दर्द वाला, लाल या गर्म है, या उसके आसपास की त्वचा गर्म और सूजी हुई है, या आपको गर्मी, ठंड या कंपकंपी लग रही है, या वह चेहरे पर है, या स्टेरॉइड या डायबिटीज़ से आपकी रोग-प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है: अर्जेंट अपॉइंटमेंट मांगें और आज ही डॉक्टर को दिखाएं। यह फोड़े या त्वचा के फोड़े (एब्सेस) के लिए NHS की सलाह है, और DermNet के अनुसार सूजा हुआ या फटा सिस्ट सूज और लाल हो सकता है। इसे दबाएं या छेदें नहीं।
स्रोत
- Lipoma — NHSnhs.uk
- Lipoma: patient information leaflet (June 2024) — British Association of Dermatologistsbad.org.uk
- Lipoma — DermNetdermnetnz.org
- Epidermoid cyst — DermNetdermnetnz.org
- Boils — NHSnhs.uk
- Skin abscess — NHSnhs.uk
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