होंठ फटना (Cracked Lips): आमतौर पर इसका क्या मतलब होता है
इन नामों से भी खोजा जाता है: hoth fatna, फटे होंठ, होंठ फटे हुए, मुंह के कोने फटना, chapped lips · अपडेट 13 सितंबर 2026 · केवल जानकारी के लिए — चिकित्सा सलाह नहीं
संक्षेप में: होंठ फटने की सबसे आम वजहें सूखा मौसम, पानी की कमी, बार-बार होंठों पर जीभ फेरना, या होंठों पर लगाने वाली कोई ऐसी चीज़ होती है जो जलन पैदा करे, और नियमित रूप से नमी देने वाली चीज़ लगाने से ये आमतौर पर सुधर जाते हैं। मुंह के कोनों पर फटना B विटामिन की कमी या फंगल इन्फेक्शन की ओर इशारा कर सकता है। गहरी दरारें जिनसे खून आए, जो दो-एक हफ्ते की देखभाल के बाद भी न भरें, या जिनके साथ मुंह में दर्द हो, उनमें डॉक्टरी ध्यान चाहिए ताकि पोषण या त्वचा से जुड़ी किसी अंदरूनी वजह को खारिज किया जा सके।
इन हालात में तुरंत डॉक्टर को दिखाएं
गहरी दरारें जिनसे खून आए, या जो दो हफ्ते तक नियमित रूप से नमी देने के बाद भी न सुधरें, उनकी जांच ज़रूरी है।
मुंह के कोनों पर फटने के साथ लालिमा या पपड़ी हो तो फंगल इन्फेक्शन के लिए जंचवाना चाहिए।
फटे होंठों के साथ मुंह में छाले, जीभ में दर्द, या थकान हो तो यह विटामिन की कमी का संकेत हो सकता है, जिसकी जांच ज़रूरी है।
होंठ फटने के साथ सूजन हो या लालिमा फैल रही हो तो यह इन्फेक्शन का संकेत हो सकता है, जिसमें जल्दी इलाज चाहिए।
आम कारण
- सूखा या ठंडा मौसम — हवा में नमी कम होना और तेज़ हवा होंठों की पतली त्वचा से नमी खींच लेती है, जिससे सूखापन और दरारें आ जाती हैं।
- पानी की कमी — पर्याप्त तरल न लेने से त्वचा और होंठों की कुल नमी घट जाती है, जिससे फटने की आशंका बढ़ जाती है।
- बार-बार होंठों पर जीभ फेरना — लार जल्दी सूख जाती है और सूखापन और बढ़ा सकती है, जिससे जीभ फेरने और और ज़्यादा फटने का चक्र बन जाता है।
- B विटामिन की कमी — राइबोफ्लेविन या B12 का स्तर कम होना खासकर मुंह के कोनों पर फटने से जुड़ा है।
- फंगल या बैक्टीरियल इन्फेक्शन — एंगुलर काइलाइटिस (angular cheilitis), जो अक्सर यीस्ट से होता है, मुंह के कोनों पर दर्द भरी दरारें और लालिमा पैदा करता है।
- एलर्जी या जलन की प्रतिक्रिया — कुछ लिपस्टिक, टूथपेस्ट या खाने की चीज़ें होंठों में जलन पैदा करके सूखापन और फटना शुरू कर सकती हैं।
क्या राहत देता है
- दिन में कई बार सादा, बिना खुशबू वाला लिप बाम या पेट्रोलियम जेली लगाएं।
- दिन भर पर्याप्त पानी पिएं, खासकर सूखे या ठंडे मौसम में।
- होंठों पर जीभ फेरने से बचें, क्योंकि लार सूखते ही सूखापन बढ़ा देती है।
- सूखे मौसम में घर के अंदर ह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल करें ताकि होंठों और त्वचा की नमी बनी रहे।
किस डॉक्टर को दिखाएं
पहले लगातार होंठों की देखभाल करके देखें; अगर फटना बना रहे, खून आए, या मुंह के कोनों तक हो तो डर्मेटोलॉजिस्ट या फैमिली डॉक्टर को दिखाएं।
डॉक्टर अक्सर कौन-सी जांच कराते हैं
अगर यह लक्षण बना रहे, तो डॉक्टर आमतौर पर ये मान देखते हैं। हर मान का अपना गाइड है — नॉर्मल रेंज और उसे बदलने वाली चीज़ें।
लोग अक्सर पूछते हैं
बाकी होंठों के मुकाबले मेरे मुंह के कोने ज़्यादा क्यों फटते हैं?
मुंह के कोनों पर फटना, जिसे एंगुलर काइलाइटिस कहते हैं, अक्सर वहां लार जमा होकर नमी फंस जाने से होता है, जिससे जलन या यीस्ट की बढ़वार को बढ़ावा मिलता है। यह B विटामिन का स्तर कम होने से भी जुड़ा हो सकता है, इसलिए कोनों का लगातार फटना डॉक्टर को बताने लायक है।
क्या फटे होंठों के लिए लिप बाम काफी है, या कुछ और तेज़ चाहिए?
मौसम या पानी की कमी से फटे होंठों के लिए दिन में कई बार लगाया गया सादा, बिना खुशबू वाला बाम या पेट्रोलियम जेली आमतौर पर काफी होता है। अगर लगातार देखभाल के बावजूद दरारें दो हफ्ते से ज़्यादा बनी रहें, या उनसे खून आए और दर्द हो, तो डॉक्टर से इन्फेक्शन या पोषक तत्व की कमी की जांच करानी चाहिए।
मिलते-जुलते लक्षण
यह गाइड जानकारी के लिए है और डॉक्टर की जांच की जगह नहीं ले सकती। अगर कोई लक्षण गंभीर हो, तेज़ी से बढ़ रहा हो, या आपको चिंता हो रही हो, तो डॉक्टर को दिखाएं — जांच करा लेना और तसल्ली पा लेना कभी बेकार नहीं जाता।