संक्षेप में
भगंदर (एनल फिस्टुला) आंत के आखिरी हिस्से और गुदा के पास की त्वचा के बीच बनी एक छोटी सुरंग है, जो आमतौर पर फोड़े (एब्सेस) के बाद रह जाती है। NHS के अनुसार यह आमतौर पर अपने आप ठीक नहीं होता और ज्यादातर मामलों में सर्जरी की सलाह दी जाती है। बुखार के साथ गर्म, सूजी, दर्द वाली गांठ हो तो आज ही डॉक्टर को दिखाएं; भ्रम की स्थिति या गंभीर दर्द हो तो तुरंत इमरजेंसी में जाएं।
इमरजेंसी अगर: आपको गुदा के पास दर्द वाली सूजन या तेज बुखार है और आप भ्रम में हैं, आपकी बोली लड़खड़ा रही है या आप बेतुकी बातें कर रहे हैं, आपकी सांस बहुत तेज चल रही है, आपकी त्वचा नीली, फीकी या धब्बेदार है या ऐसे दाने हैं जो दबाने पर फीके नहीं पड़ते, या आप बहुत बीमार महसूस कर रहे हैं और आपको डर है कि यह सेप्सिस हो सकता है; या आपको गंभीर दर्द है; या गुदा से खून बंद नहीं हो रहा, या बहुत खून या बड़े थक्के आ रहे हैं: तुरंत इमरजेंसी सेवाओं को कॉल करें या तुरंत इमरजेंसी विभाग में जाएं। खुद गाड़ी न चलाएं। NHS इन्हें सेप्सिस और पाइल्स के इमरजेंसी संकेत बताता है।
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भगंदर (एनल फिस्टुला) क्या होता है?
NHS के अनुसार भगंदर (एनल फिस्टुला, anal fistula) आंत के आखिरी हिस्से और गुदा (एनस) के मुंह के पास की त्वचा के बीच बनी एक छोटी सुरंग है। हिंदी में इसे अक्सर भगंदर कहा जाता है। यह आमतौर पर गुदा के पास हुए इन्फेक्शन से बनता है, जिसमें मवाद की एक थैली जमा हो जाती है, जिसे फोड़ा (एब्सेस, abscess) कहते हैं। जब मवाद निकल जाता है, तो पीछे एक छोटी नली रह सकती है।
NHS के अनुसार ज्यादातर भगंदर गुदा के फोड़े (एब्सेस) के बाद बनते हैं, और अगर मवाद निकलने के बाद फोड़ा ठीक से नहीं भरता तो भगंदर हो सकता है। NHS के बताए कम आम कारण हैं: क्रोन रोग (Crohn's disease), डाइवर्टिकुलाइटिस, हाइड्राडेनाइटिस सपुरेटिवा नाम की त्वचा की बीमारी, ट्यूबरक्युलोसिस (TB) या HIV का इन्फेक्शन, और गुदा के पास हुई सर्जरी की कोई जटिलता। एक अस्पताल के पर्चे में यह भी लिखा है कि डायबिटीज़, इन्फ्लेमेटरी बाउल डिज़ीज़ या कमजोर रोग-प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों को फोड़े (एब्सेस) होने की संभावना ज्यादा होती है।
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भगंदर (एनल फिस्टुला) के लक्षण क्या होते हैं?
NHS ये लक्षण बताता है: गुदा के आसपास त्वचा में जलन; लगातार धड़कता दर्द, जो बैठने, चलने-फिरने, पाखाना करने या खांसने पर बढ़ सकता है; गुदा के पास से बदबूदार रिसाव; पाखाने के साथ मवाद या खून आना; और अगर साथ में फोड़ा (एब्सेस) भी है, तो गुदा के आसपास सूजन और लालिमा के साथ तेज बुखार। कुछ लोगों को मल त्याग पर काबू रखने में दिक्कत (बाउल इनकॉन्टिनेंस) होती है।
फिस्टुला का बाहरी सिरा गुदा के पास त्वचा पर एक छेद की तरह दिख सकता है, हालांकि NHS के अनुसार इसे खुद देख पाना मुश्किल हो सकता है। इनमें से कई संकेत पाइल्स (बवासीर) और फिशर (गुदा में दरार) से मिलते-जुलते हैं, इसलिए इन्हें अलग पहचानने का एकमात्र भरोसेमंद तरीका जांच है।
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भगंदर, पाइल्स (बवासीर) और फिशर (गुदा में दरार) में क्या फर्क है?
NHS के अनुसार पाइल्स (बवासीर) गुदा के अंदर और आसपास की गांठें हैं, जिनमें अक्सर पाखाने के बाद चमकीला लाल खून, खुजली और म्यूकस आता है, और ये अक्सर कुछ दिनों में अपने आप ठीक हो जाती हैं। फिशर (गुदा में दरार, anal fissure) एक छोटी-सी दरार है, जिससे पाखाना करते समय गंभीर, तेज दर्द होता है, फिर जलन वाला दर्द जो कई घंटे रह सकता है, और टॉयलेट पेपर पर चमकीला लाल खून दिखता है; NHS के अनुसार यह आमतौर पर अपने आप ठीक हो जाती है।
भगंदर इन दोनों से अलग तरह का है: यह एक सुरंग है, गांठ या दरार नहीं। इसके खास संकेत हैं लगातार धड़कता दर्द, बदबूदार रिसाव, और पाखाना करते समय मवाद या खून आना, और NHS के अनुसार यह आमतौर पर अपने आप ठीक नहीं होता। अगर गुदा के पास रिसाव बार-बार हो रहा है, या दर्द फिशर की तरह पाखाना करते समय तेज चुभने वाला नहीं है, तो इसे अपने आप पाइल्स न मान लें। हमारी पाइल्स और एनल फिशर की गाइड इन दोनों के बारे में विस्तार से बताती हैं।
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गुदा के पास दर्द वाली सूजी गांठ क्या फोड़ा (एब्सेस) है, और कितनी जल्दी इलाज चाहिए?
गुदा का फोड़ा (एब्सेस) ही अक्सर भगंदर की शुरुआत होता है। मरीजों के लिए एक अस्पताल का पर्चा एनोरेक्टल एब्सेस को गुदा और मलाशय के अंदर या आसपास मवाद का जमाव बताता है, जिसमें दर्द या छूने पर दुखन होती है जो मल त्याग के समय बढ़ सकती है, साथ में सख्त गांठ, मवाद का रिसाव, बुखार, कब्ज, थकान और तबीयत ठीक न लगना रहता है। पर्चे के अनुसार फोड़े से मवाद निकालने के लिए अक्सर सर्जरी की जरूरत पड़ती है, और एंटीबायोटिक आमतौर पर जरूरी नहीं होते, जब तक सर्जरी करने वाली टीम न कहे।
NHS गुदा के आसपास सूजन और लालिमा के साथ तेज बुखार को फोड़े (एब्सेस) वाले भगंदर का संकेत बताता है। पाइल्स के बारे में NHS कहता है कि अगर बुखार बहुत तेज हो, या गर्मी, ठंड या कंपकंपी लगे और आप सामान्य रूप से बीमार महसूस करें, या मवाद रिस रहा हो, तो अर्जेंट अपॉइंटमेंट मांगें। गुदा के पास किसी भी दर्द वाली सूजन में यही सावधानी रखें: यह देखने के लिए इंतज़ार न करें कि वह अपने आप बैठ जाती है या नहीं, आज ही डॉक्टर को दिखाएं। अगर साथ में आपको भ्रम हो, सांस बहुत तेज चले, त्वचा नीली, फीकी या धब्बेदार हो जाए, या गंभीर दर्द हो, तो NHS इन्हें इमरजेंसी के संकेत मानता है, इसलिए तुरंत इमरजेंसी में जाएं; फैलता हुआ इन्फेक्शन सेप्सिस तक पहुंच सकता है। पर्चे के अनुसार समय पर इलाज मिलने पर फोड़े (एब्सेस) वाले लोग कम समय में पूरी तरह ठीक हो सकते हैं।
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भगंदर (एनल फिस्टुला) की जांच कैसे होती है? क्या MRI जरूरी है?
NHS के अनुसार डॉक्टर आपके लक्षणों और किसी भी आंत की बीमारी के बारे में पूछेगा, गुदा के आसपास की त्वचा देखेगा, और दस्ताने वाली उंगली से हल्की रेक्टल जांच कर सकता है। अगर फिस्टुला का शक हो तो आपको कोलोरेक्टल सर्जन नाम के विशेषज्ञ के पास भेजा जाता है। NHS की बताई जांचें हैं: आगे की शारीरिक और रेक्टल जांच, प्रोक्टोस्कोपी (गुदा के अंदर देखने की रोशनी वाली दूरबीन), और अल्ट्रासाउंड, MRI या CT स्कैन।
NHS यह भी बताता है कि सबसे अच्छा इलाज तय करने के लिए कभी-कभी जनरल एनेस्थीसिया (बेहोशी) में उस जगह की शुरुआती जांच करनी पड़ सकती है। सबसे अच्छा विकल्प फिस्टुला की जगह पर और इस पर निर्भर करता है कि वह एक ही नली है या अलग-अलग दिशाओं में शाखाओं में बंटी है, इसीलिए सर्जरी से पहले स्कैन और जांच मायने रखती हैं। अगर भगंदर के साथ दस्त या पाखाने में खून जैसे आंत के लक्षण भी हैं, तो डॉक्टर को बताना जरूरी है, क्योंकि क्रोन रोग (Crohn's disease) कम आम कारणों में से एक है।
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क्या भगंदर बिना ऑपरेशन ठीक हो सकता है, और कौन-सी सर्जरी होती है?
NHS के अनुसार एनल फिस्टुला को आमतौर पर सर्जरी की जरूरत होती है, क्योंकि इलाज न कराने पर वे शायद ही कभी ठीक होते हैं। वह ये मुख्य विकल्प बताता है: फिस्टुलोटॉमी, जिसमें फिस्टुला को पूरी लंबाई में खोल दिया जाता है ताकि वह सपाट निशान के रूप में भर जाए, और सीटन (seton) प्रक्रियाएं, जिनमें सर्जरी वाला एक धागा कई हफ्तों तक फिस्टुला में छोड़ दिया जाता है। NHS के अनुसार कई फिस्टुला के लिए फिस्टुलोटॉमी सबसे असरदार इलाज है, लेकिन यह आमतौर पर सिर्फ उन फिस्टुला के लिए ठीक रहती है जो स्फिंक्टर मांसपेशी के ज्यादा हिस्से से नहीं गुजरते, क्योंकि उनमें मल रोकने की क्षमता खोने (इनकॉन्टिनेंस) का खतरा सबसे कम होता है।
जो फिस्टुला स्फिंक्टर के काफी बड़े हिस्से से गुजरता है, उसके लिए NHS के अनुसार सर्जन पहले सीटन लगा सकता है। ढीला सीटन फिस्टुला को बहने देता है, पर उसे भरता नहीं; कसा हुआ सीटन फिस्टुला को धीरे-धीरे काटने के लिए इस्तेमाल हो सकता है, जिसमें कई प्रक्रियाएं लग सकती हैं। NHS के बताए दूसरे विकल्प हैं एडवांसमेंट फ्लैप, LIFT प्रक्रिया, एंडोस्कोपिक एब्लेशन, लेजर, बायोप्रोस्थेटिक प्लग और फाइब्रिन ग्लू। वह फाइब्रिन ग्लू को एकमात्र बिना-सर्जरी वाला विकल्प कहता है, लेकिन साधारण फिस्टुला के लिए आमतौर पर फिस्टुलोटॉमी से कम असरदार, और हो सकता है इसके नतीजे लंबे समय तक न टिकें। हमारे पढ़े किसी भी स्रोत में प्रक्रिया के बिना फिस्टुला भरने का कोई भरोसेमंद तरीका नहीं मिला, इसलिए घरेलू इलाज के भरोसे इंतज़ार न करें।
NHS के अनुसार कई लोगों को सर्जरी के बाद रात भर अस्पताल में रुकने की जरूरत नहीं पड़ती, हालांकि कुछ लोग कुछ दिन रुकते हैं। अपने सर्जन से पूछें कि कौन-सी प्रक्रिया तय की गई है और क्यों।
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भगंदर की सर्जरी के जोखिम क्या हैं: दोबारा होना और मल पर काबू खोना?
NHS तीन मुख्य जोखिम बताता है: इन्फेक्शन, जिसके लिए एंटीबायोटिक लग सकते हैं और गंभीर मामलों में अस्पताल में इलाज; सर्जरी के बावजूद फिस्टुला का दोबारा आ जाना; और बाउल इनकॉन्टिनेंस (मल पर काबू न रहना), जिसे वह ज्यादातर तरह के इलाज में संभावित जोखिम कहता है, हालांकि गंभीर इनकॉन्टिनेंस दुर्लभ है और उसे रोकने की हर कोशिश की जाती है। सर्जरी का मकसद फिस्टुला को भरना है, साथ ही उन स्फिंक्टर मांसपेशियों को नुकसान से बचाना जो मल को काबू में रखती हैं।
NHS के अनुसार जोखिम का स्तर इस पर निर्भर करता है कि फिस्टुला कहां है और कौन-सी प्रक्रिया की जा रही है। हमें यह बताने वाला कोई भरोसेमंद आंकड़ा नहीं मिला कि फिस्टुला कितनी बार लौटते हैं या कितनी बार इनकॉन्टिनेंस होता है, इसलिए यहां कोई आंकड़ा नहीं दिया गया है। किसी प्रक्रिया के लिए हां कहने से पहले सर्जन से अपने तरह के फिस्टुला का जोखिम समझ लें, और अगर आपको पहले से मल पर काबू रखने में दिक्कत है तो उन्हें बताएं।
भगंदर और फोड़ा (एब्सेस): कितनी जल्दी कदम उठाएं
सामान्य — डॉक्टर को दिखाएं
आपको भगंदर (एनल फिस्टुला) के लक्षण बने हुए हैं, जैसे गुदा के पास धड़कता दर्द, बदबूदार रिसाव, या पाखाना करते समय मवाद या खून: डॉक्टर से मिलें, जो आपकी जांच कर सकता है और आपको कोलोरेक्टल सर्जन के पास भेज सकता है। NHS के अनुसार ज्यादातर मामलों में सर्जरी की सलाह दी जाती है।
आज ही — तुरंत संपर्क करें
आपको गुदा के पास दर्द वाली, सूजी, लाल गांठ के साथ तेज बुखार है, या आपको गर्मी, ठंड या कंपकंपी लग रही है और आप सामान्य रूप से बीमार महसूस कर रहे हैं, या मवाद रिस रहा है: आज ही डॉक्टर को दिखाएं। NHS पाइल्स वाले लोगों को इन संकेतों पर अर्जेंट अपॉइंटमेंट मांगने को कहता है, और एक अस्पताल के पर्चे के अनुसार फोड़े (एब्सेस) से आमतौर पर सर्जरी करके मवाद निकाला जाता है। अगर आपको डायबिटीज़, आंत की सूजन या कमजोर रोग-प्रतिरोधक क्षमता है तो डॉक्टर को बताएं, क्योंकि इनसे फोड़े (एब्सेस) होने की संभावना ज्यादा रहती है।
इमरजेंसी — अभी कदम उठाएं
आपको गुदा के पास दर्द वाली सूजन या तेज बुखार है और आप भ्रम में हैं, आपकी बोली लड़खड़ा रही है या आप बेतुकी बातें कर रहे हैं, आपकी सांस बहुत तेज चल रही है, आपकी त्वचा नीली, फीकी या धब्बेदार है या ऐसे दाने हैं जो दबाने पर फीके नहीं पड़ते, या आप बहुत बीमार महसूस कर रहे हैं और आपको डर है कि यह सेप्सिस हो सकता है; या आपको गंभीर दर्द है; या गुदा से खून बंद नहीं हो रहा, या बहुत खून या बड़े थक्के आ रहे हैं: तुरंत इमरजेंसी सेवाओं को कॉल करें या तुरंत इमरजेंसी विभाग में जाएं। खुद गाड़ी न चलाएं। NHS इन्हें सेप्सिस और पाइल्स के इमरजेंसी संकेत बताता है।
स्रोत
- Anal fistula — NHSnhs.uk
- Anal fistula: treatment — NHSnhs.uk
- Piles (haemorrhoids) — NHSnhs.uk
- Anal fissure — NHSnhs.uk
- Anorectal abscess: patient information — Bradford Teaching Hospitals NHS Foundation Trustbradfordhospitals.nhs.uk
- Sepsis — NHSnhs.uk
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