संक्षेप में
हरी या खून वाली उल्टी होने पर, या 3 महीने से छोटे बच्चे को 38 °C या ज्यादा बुखार होने पर (जब तक कोई डॉक्टर 2 घंटे के अंदर बच्चे को न देख सके), तुरंत इमरजेंसी में जाएं; जोर से उल्टी होने पर आज ही डॉक्टर को दिखाएं।
इमरजेंसी अगर: आपका बच्चा हरी या पीली-हरी उल्टी कर रहा है, या खून वाली उल्टी या पिसी कॉफी जैसी दिखने वाली उल्टी कर रहा है; या ढीला-निढाल है, सांस लेने में जूझ रहा है, या उसके होंठ, जीभ, चेहरा या त्वचा फीकी, नीली या स्लेटी पड़ रही है; या उसका पेट फूला और सख्त है और उल्टी बार-बार हो रही है: तुरंत इमरजेंसी में जाएं या तुरंत इमरजेंसी सेवाओं को कॉल करें। 3 महीने से छोटे बच्चे को 38 °C या ज्यादा बुखार हो, तो भी तुरंत इमरजेंसी में जाएं, जब तक कोई डॉक्टर 2 घंटे के अंदर बच्चे को न देख सके। NHS के अनुसार बच्चे में पीली-हरी या हरी उल्टी और खून की उल्टी में इमरजेंसी देखभाल चाहिए। NICE के अनुसार शिशु में पित्त वाली उल्टी में आंत की रुकावट को खारिज करने के लिए उसी दिन तुरंत जांच चाहिए; वह पेट फूलने को ऐसा संकेत बताती है जो आंत में रुकावट या किसी और एक्यूट सर्जिकल स्थिति का इशारा हो सकता है, और 3 महीने से छोटे बच्चे में 38 °C या ज्यादा बुखार को वह हाई-रिस्क समूह में रखती है।
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बच्चा फीड के बाद दूध की उल्टी क्यों करता है?
NHS के अनुसार रिफ्लक्स (reflux) का मतलब है कि बच्चा फीड के दौरान या उसके कुछ देर बाद दूध लौटाता है, या उसे उल्टी होती है। NHS कहता है कि यह बहुत आम है और आमतौर पर अपने आप ठीक हो जाता है। वजह है बच्चे की खाने की नली (oesophagus) के निचले सिरे पर मांसपेशी का एक छल्ला, जो कमजोर हो सकता है और दूध को आसानी से वापस ऊपर आने देता है। NHS के अनुसार बच्चे के बड़े होने के साथ यह मांसपेशी मजबूत होती जाती है और रिफ्लक्स रुक जाना चाहिए।
NICE, जो डॉक्टरों के लिए गाइडलाइन बनाने वाली संस्था है, फीड के वापस आने को शिशुओं में आम और सामान्य बात मानती है। उसके अनुसार यह शैशव अवस्था की सामान्य प्रक्रिया है, इसमें माता-पिता को सलाह और तसल्ली दी जाती है, और आमतौर पर किसी जांच या इलाज की जरूरत नहीं होती। बिना किसी साफ वजह के रोने के दौरे अलग सवाल हैं; उनके बारे में हमारी कोलिक गाइड में पढ़ें।
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क्या बच्चे का दूध लौटाना सामान्य है, और यह कितने समय तक चलता है?
स्वस्थ बच्चे के लिए आमतौर पर हां। NICE के अनुसार बिना जोर के फीड का वापस आना कम से कम 40% शिशुओं में होता है, आमतौर पर बच्चे के 8 हफ्ते का होने से पहले शुरू होता है, और समय के साथ आमतौर पर कम होता जाता है: प्रभावित 90% शिशुओं में यह 1 साल की उम्र से पहले ठीक हो जाता है। NHS यही बात सीधे शब्दों में कहता है: रिफ्लक्स आमतौर पर बच्चे के 8 हफ्ते का होने से पहले शुरू होता है और उसके 1 साल का होने तक ठीक हो जाता है।
कुछ बच्चे बार-बार दूध लौटाते हैं। NICE बताती है कि प्रभावित शिशुओं में से 5% को रोज 6 या ज्यादा बार दूध लौटता है, फिर भी वह कहती है कि स्वस्थ शिशु में इसके लिए आमतौर पर आगे की जांच या इलाज की जरूरत नहीं होती। NHS कहता है कि अगर बच्चा खुश है, स्वस्थ है और उसका वजन बढ़ रहा है, तो आमतौर पर उसे डॉक्टर को दिखाने की जरूरत नहीं होती। ये आंकड़े बच्चों के समूहों के बारे में हैं, किसी एक बच्चे के लिए वादा नहीं, इसलिए वजन बढ़ने पर और नीचे दिए चेतावनी संकेतों पर नजर रखें।
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बच्चे के दूध लौटाने और उल्टी में क्या फर्क है, और साइलेंट रिफ्लक्स क्या होता है?
काम का फर्क है जोर और बच्चे की हालत। NICE सामान्य रिफ्लक्स को स्वस्थ शिशु में बिना जोर के फीड का वापस आना बताती है। NHS जोर की उल्टी (projectile vomiting, यानी आम से ज्यादा जोर से उल्टी होना) को उन संकेतों में गिनता है जिनमें आज ही डॉक्टर को दिखाना चाहिए। जो बच्चा थोड़ा दूध लौटाता है, अच्छे से पीता है, शांत रहता है और जिसका वजन बढ़ रहा है, वह आम पैटर्न में आता है; जिसे जोर से उल्टी होती है, जो बेचैन है, दूध पीने से मना करता है या जिसका वजन नहीं बढ़ रहा, वह इसमें नहीं आता।
NHS साइलेंट रिफ्लक्स (silent reflux) भी बताता है: बच्चे में रिफ्लक्स के संकेत हो सकते हैं, पर वह दूध न लौटाए और उसे उल्टी न हो। NICE डॉक्टरों को सलाह देती है कि जिस बच्चे को दूध लौटता हुआ दिखता ही नहीं और जिसमें इनमें से सिर्फ एक बात है, उसकी नियमित रूप से जांच या इलाज न करें: बिना वजह फीडिंग में दिक्कत, बेचैनी भरा व्यवहार, वजन या विकास का ठीक से न बढ़ना, पुरानी खांसी, आवाज बैठना या निमोनिया का एक एपिसोड। NHS यह भी जोड़ता है कि गाय के दूध की एलर्जी बिल्कुल रिफ्लक्स जैसी दिख सकती है, इसलिए डॉक्टर उसकी जांच कर सकते हैं।
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घर पर बच्चे का दूध लौटाना कैसे कम करें?
NHS ये कदम बताता है: फीडिंग के दौरान और फीड के बाद जितनी देर हो सके बच्चे को सीधा पकड़ें, फीड के दौरान बार-बार डकार दिलाएं, और स्तनपान की पोजीशन या बोतल से दूध पिलाने के तरीके पर सलाह लें। जब बच्चे को उल्टी हो रही हो, तब NHS स्तनपान या बोतल से दूध पिलाना जारी रखने और आम से ज्यादा बार थोड़े-थोड़े फीड देने की भी सलाह देता है, और कहता है कि फॉर्मूला को पतला न करें: उसे सामान्य गाढ़ेपन में ही इस्तेमाल करें।
फॉर्मूला पीने वाले जिस बच्चे को बार-बार दूध लौटता है और जो काफी बेचैन है, उसके लिए NICE डॉक्टर के लिए ये कदम तय करती है: फीडिंग का इतिहास देखना, फीड की मात्रा तभी घटाना जब वह बच्चे के वजन के हिसाब से ज्यादा हो, दिन भर में दूध की कुल मात्रा वही रखते हुए छोटे और ज्यादा बार वाले फीड आजमाना, और उसके बाद ही गाढ़ा किया हुआ फॉर्मूला सोचना। स्तनपान करने वाले बच्चे के लिए NICE कहती है कि सही प्रशिक्षण वाला व्यक्ति उसका आकलन करे। खुद से कोई थिकनर, फॉर्मूला बदलना या दवा शुरू न करें।
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रिफ्लक्स वाले बच्चे को कैसे सुलाएं? क्या पालने का सिरा ऊंचा कर सकते हैं?
नहीं। NHS कहता है कि यह पक्का करें कि बच्चा पीठ के बल सपाट सोए, करवट या पेट के बल नहीं, और पालने या मोसेस बास्केट का सिरा ऊंचा न करें। NICE भी यही कहती है: सोते हुए शिशुओं में रिफ्लक्स के इलाज के लिए पोजीशन में बदलाव न करें, और सोते समय शिशुओं को पीठ के बल लिटाया जाए।
AAP वह वजह बताता है जिसकी माता-पिता को सबसे ज्यादा चिंता रहती है। वह कहता है कि पीठ के बल लेटे बच्चे का दम नहीं घुटेगा, क्योंकि उनकी सांस की नली की बनावट और गैग रिफ्लेक्स ऐसा होने से रोकते हैं, और गैस्ट्रो-इसोफेजियल रिफ्लक्स डिजीज वाले बच्चे भी पीठ के बल सपाट ही सोने चाहिए। अचानक शिशु मृत्यु का खतरा घटाने के सभी तरीकों की पूरी सूची हमारी सुरक्षित नींद वाली स्टोरी में है।
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रिफ्लक्स कब साधारण नहीं होता? कौन से संकेतों पर डॉक्टर को दिखाएं, या इमरजेंसी में जाएं?
NICE ऐसे रेड फ्लैग बताती है जो रिफ्लक्स से अलग किसी चीज की ओर इशारा करते हैं। पित्त वाली उल्टी, जो हरी या पीली-हरी होती है, आंत में रुकावट का संकेत हो सकती है और इसमें बच्चों के सर्जन (पीडियाट्रिक सर्जन) के पास भेजना जरूरी है; NICE कहती है कि जिस शिशु को बिना वजह पित्त वाली उल्टी हो, उसकी उसी दिन तुरंत जांच होनी चाहिए। NHS बच्चे में पीली-हरी या हरी उल्टी, और खून की उल्टी या पिसी कॉफी जैसी दिखने वाली उल्टी को इमरजेंसी मानता है: तुरंत इमरजेंसी में जाएं या तुरंत इमरजेंसी सेवाओं को कॉल करें। NICE पेट फूलने को भी उन संकेतों में गिनती है जो आंत में रुकावट या किसी और एक्यूट सर्जिकल स्थिति का इशारा हो सकते हैं, इसलिए जिस बच्चे का पेट फूला और सख्त हो और जिसे बार-बार उल्टी हो रही हो, उसे तुरंत इमरजेंसी में ले जाएं। 3 महीने से छोटे बच्चे के लिए NICE गाइडलाइन NG143 में 38 °C या ज्यादा बुखार को हाई-रिस्क समूह में रखा गया है: तुरंत इमरजेंसी में जाएं, जब तक कोई डॉक्टर 2 घंटे के अंदर बच्चे को न देख सके।
दूसरे रेड फ्लैग में उसी दिन डॉक्टर को दिखाना जरूरी है। 2 महीने तक की उम्र के बच्चे को बार-बार जोर से उल्टी होना पेट के निचले मुंह के सिकुड़ने (पाइलोरिक स्टेनोसिस, pyloric stenosis) का संकेत हो सकता है, और जब 2 महीने से छोटे शिशु की उल्टी लगातार बढ़ती जाए या जोर वाली हो, तो NICE उसी दिन विशेषज्ञ से आकलन कराने को कहती है। NHS की जरूरी सूची में ये भी हैं: मल में खून, पेट छूने पर दर्द या पेट फूला हो पर बार-बार उल्टी न हो, बहुत तेज बुखार (3 महीने या उससे बड़े बच्चे में) या शरीर का गर्म, ठंडा या कंपकंपी वाला लगना, उल्टी होना और तरल पेट में न रुकना, दूध पीने से मना करना, हफ्ते भर से ज्यादा दस्त या पानी की कमी के संकेत, और ऐसा रोना जो बहुत तकलीफ के साथ रुकता ही न हो। NICE सिर का उभरा हुआ नरम हिस्सा, सुस्ती या चिड़चिड़ापन, और बीमार दिखने वाले बच्चे को भी गिनती है। NHS का उल्टी और दस्त वाला पेज जोड़ता है कि 12 महीने से छोटे बच्चे को लेकर चिंता हो तो जरूरी सलाह लें, इसलिए आज ही डॉक्टर को दिखाएं।
कुछ संकेत कम जरूरी हैं, फिर भी डॉक्टर को दिखाना चाहिए। NHS कहता है कि डॉक्टर से मिलें अगर ऊपर के कदम आजमाने के बाद भी रिफ्लक्स ठीक नहीं हो रहा, अगर वह 6 महीने के बाद पहली बार शुरू हो, अगर बच्चा 1 साल से बड़ा है और फिर भी रिफ्लक्स है, या अगर बच्चे का वजन नहीं बढ़ रहा या घट रहा है। NICE बताती है कि 6 महीने के बाद उल्टी शुरू होना रिफ्लक्स के अलावा किसी और वजह की ओर इशारा करता है, जैसे यूरिन इन्फेक्शन।
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क्या रिफ्लक्स वाले बच्चे को दवा चाहिए?
आमतौर पर नहीं। NHS कहता है कि अगर गाय के दूध की एलर्जी का कोई संकेत नहीं है, तो फॉर्मूला पीने वाले बच्चे के लिए डॉक्टर गाढ़ा करने वाला पाउडर या पहले से गाढ़ा किया हुआ फॉर्मूला सुझा सकते हैं। बेचैनी और पेट के एसिड को कम करने वाली दवाएं तभी एक विकल्प हैं जब गाढ़ा करने से फायदा न हो या बच्चा स्तनपान करता हो, और सर्जरी की जरूरत बहुत कम पड़ती है, आमतौर पर तभी जब बाकी चीजें आजमाई जा चुकी हों या रिफ्लक्स गंभीर हो।
NICE कहती है कि जब दूध लौटना ही अकेला लक्षण हो, तब शिशुओं में उसके इलाज के लिए प्रोटॉन पंप इन्हिबिटर जैसी एसिड घटाने वाली दवाएं न दें। जो बच्चे अपने लक्षण बता नहीं सकते और जिन्हें दूध लौटने के साथ बिना वजह फीडिंग में दिक्कत जैसी परेशानियां हैं, उनके लिए वह थोड़े समय का ट्रायल मंजूर करती है। यह फैसला उस डॉक्टर का है जिसने आपके बच्चे को जांचा हो, इसलिए कोई भी दवा, बिना पर्चे की दवा सहित, देने से पहले पूछें।
कब क्या करें
इमरजेंसी — अभी कदम उठाएं
आपका बच्चा हरी या पीली-हरी उल्टी कर रहा है, या खून वाली उल्टी या पिसी कॉफी जैसी दिखने वाली उल्टी कर रहा है; या ढीला-निढाल है, सांस लेने में जूझ रहा है, या उसके होंठ, जीभ, चेहरा या त्वचा फीकी, नीली या स्लेटी पड़ रही है; या उसका पेट फूला और सख्त है और उल्टी बार-बार हो रही है: तुरंत इमरजेंसी में जाएं या तुरंत इमरजेंसी सेवाओं को कॉल करें। 3 महीने से छोटे बच्चे को 38 °C या ज्यादा बुखार हो, तो भी तुरंत इमरजेंसी में जाएं, जब तक कोई डॉक्टर 2 घंटे के अंदर बच्चे को न देख सके। NHS के अनुसार बच्चे में पीली-हरी या हरी उल्टी और खून की उल्टी में इमरजेंसी देखभाल चाहिए। NICE के अनुसार शिशु में पित्त वाली उल्टी में आंत की रुकावट को खारिज करने के लिए उसी दिन तुरंत जांच चाहिए; वह पेट फूलने को ऐसा संकेत बताती है जो आंत में रुकावट या किसी और एक्यूट सर्जिकल स्थिति का इशारा हो सकता है, और 3 महीने से छोटे बच्चे में 38 °C या ज्यादा बुखार को वह हाई-रिस्क समूह में रखती है।
आज ही — तुरंत संपर्क करें
आपके बच्चे को जोर से (फव्वारे जैसी) उल्टी हो रही है, मल में खून है, पेट छूने पर दर्द करता है या पेट फूला है पर बार-बार उल्टी नहीं हो रही, बहुत तेज बुखार है (3 महीने या उससे बड़े बच्चे में) या शरीर गर्म, ठंडा या कंपकंपी वाला लगता है, बार-बार उल्टी हो रही है और तरल नहीं रुक रहा, दूध पीने से मना करता है, हफ्ते भर से ज्यादा समय से दस्त हैं या पानी की कमी के संकेत हैं, या रोना बंद नहीं हो रहा और बहुत बेचैन है: आज ही डॉक्टर को दिखाएं। 12 महीने से छोटे जिस बच्चे को उल्टी हो रही हो और आप चिंतित हों, तब भी आज ही डॉक्टर को दिखाएं। NHS इन्हें जरूरी मानता है, और NICE 2 महीने से छोटे शिशु में जोर वाली या बढ़ती उल्टी का उसी दिन आकलन कराने को कहती है।
सामान्य — डॉक्टर को दिखाएं
रिफ्लक्स फीडिंग के कदमों के बाद भी ठीक नहीं हो रहा, 6 महीने के बाद पहली बार शुरू हुआ है, 1 साल की उम्र के बाद भी हो रहा है, या आपके बच्चे का वजन नहीं बढ़ रहा या घट रहा है: डॉक्टर से मिलें। बिना पूछे थिकनर, फॉर्मूला बदलना या दवा शुरू न करें, और अपने साथ एक नोट ले जाएं कि बच्चा कितना दूध लौटाता है, कितनी बार, और फीड कैसे चल रहे हैं।
स्रोत
- Reflux in babies — NHSnhs.uk
- Gastro-oesophageal reflux disease in children and young people: diagnosis and management (NG1) — NICEnice.org.uk
- Diarrhoea and vomiting — NHSnhs.uk
- How to Keep Your Sleeping Baby Safe: Policy Explained — HealthyChildren.org (AAP)healthychildren.org
- Sudden infant death syndrome (SIDS) — NHSnhs.uk
- Fever in under 5s: assessment and initial management (NG143) — NICEnice.org.uk
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