संक्षेप में
आइबुप्रोफेन, नेप्रोक्सेन और डाइक्लोफेनैक की गोलियों जैसी NSAID दर्द-निवारक दवाएं किडनी में खून का बहाव घटाती हैं और उसे नुकसान पहुंचा सकती हैं। NKF कहता है कि किडनी रोग वाले लोगों को इनसे बचना चाहिए, खासकर eGFR 60 से कम होने पर, और डॉक्टर से पूछने के बाद पैरासिटामोल सुझाई गई मात्रा में आम तौर पर किडनी के लिए सुरक्षित है।
इमरजेंसी अगर: आपको लगभग पेशाब नहीं आ रहा, या आराम में या सीधे लेटने पर सांस फूल रही है: तुरंत इमरजेंसी में जाएं। उल्टी में खून, सीने में दर्द, सांस फूलना, कमज़ोरी या सिर हल्का लगना, शरीर के एक तरफ कमज़ोरी, बोलने या सोचने में दिक्कत, या NSAID लेने के बाद गले, होंठों या जीभ में सूजन या सांस लेने में बहुत दिक्कत हो तो तुरंत इमरजेंसी सेवाओं को कॉल करें; NHS इन्हें डाइक्लोफेनैक के इमरजेंसी संकेत बताती है। NSAID लेते हुए काला, चिपचिपा, तारकोल जैसा मल हो या पेट में गंभीर दर्द हो तो भी तुरंत इमरजेंसी में जाएं; NHS इन्हें पेट के अल्सर से खून बहने के इमरजेंसी संकेत बताती है। खुद गाड़ी न चलाएं।
आपकी रिपोर्ट में
क्रिएटिनिन (Creatinine), ईजीएफआर (eGFR)
इस पेज पर
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क्या डाइक्लोफेनैक और आइबुप्रोफेन जैसी दर्द की दवाएं किडनी को नुकसान पहुंचाती हैं?
पहुंचा सकती हैं। नेशनल किडनी फाउंडेशन (NKF) कहता है कि NSAID (नॉन-स्टेरॉइडल एंटी-इन्फ्लेमेटरी दवाएं) किडनी से गुज़रने वाले खून की मात्रा घटाती हैं, इसलिए वे एक्यूट किडनी इंजरी (acute kidney injury), यानी किडनी की क्षमता में अचानक गिरावट, ला सकती हैं या क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD) को बिगाड़ सकती हैं, खासकर ज्यादा मात्रा या लंबे इस्तेमाल से। NKF आइबुप्रोफेन, नेप्रोक्सेन, डाइक्लोफेनैक, मेलोक्सिकैम, सेलेकॉक्सिब, इंडोमेथेसिन और केटोरोलैक को NSAID बताता है, और कहता है कि ज्यादा मात्रा की एस्पिरिन भी किडनी पर NSAID की तरह असर करती है।
NICE, नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर हेल्थ एंड केयर एक्सीलेंस, कहता है कि CKD वाले वयस्कों में लंबे समय तक NSAID का इस्तेमाल बीमारी के बढ़ने से जुड़ा हो सकता है, और थोड़े समय का इस्तेमाल किडनी की छनाई (GFR) में ऐसी गिरावट से जुड़ा है जो ठीक हो सकती है। वह CKD वाले लोगों को लंबे समय तक NSAID देने में सावधानी की सलाह देता है, और किडनी की क्षमता की निगरानी की, खासकर जब शुरुआती GFR कम हो या दूसरे जोखिम हों। कई सर्दी-ज़ुकाम की दवाओं में भी NSAID होती हैं, इसलिए NKF लेबल पर NSAID शब्द देखने को कहता है।
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किसे डॉक्टर से पूछे बिना NSAID दर्द-निवारक दवाएं नहीं लेनी चाहिए?
NKF कहता है कि CKD वाले लोगों को NSAID से बचना चाहिए और खुद इनसे इलाज नहीं करना चाहिए, और इनसे वे लोग भी बचें जिन्हें लिवर रोग, दिल की बीमारी, हार्ट फेल्योर या हाई ब्लड प्रेशर है, या जो ACE इनहिबिटर, ARB या पेशाब बढ़ाने वाली दवाएं (डाइयूरेटिक) समेत ब्लड प्रेशर की दवाएं लेते हैं। NHS के आइबुप्रोफेन पन्ने के अनुसार अगर आपको दिल, लिवर या किडनी की कोई स्थिति, पेट का अल्सर, अस्थमा है, या आपको स्ट्रोक हो चुका है, तो यह आपके लिए ठीक न हो सकती है।
NHS कहती है कि एक्यूट किडनी इंजरी तब ज्यादा आम है जब आप 65 या उससे ज्यादा उम्र के हों, पहले हो चुकी हो या हाल में सर्जरी हुई हो। कारणों में डिहाइड्रेशन, कम ब्लड प्रेशर और खून बहना, किडनी, दिल या लिवर पर असर डालने वाली लंबी बीमारियां, और ACE इनहिबिटर, NSAID या डाइयूरेटिक जैसी कुछ दवाओं का लंबे समय तक इस्तेमाल शामिल हैं। NICE कहता है कि डायबिटीज़, हाई ब्लड प्रेशर या दिल की बीमारी वाले वयस्कों को किडनी टेस्ट (eGFR और यूरिन ACR) की पेशकश होनी चाहिए, और किडनी को नुकसान पहुंचा सकने वाली दवाएं लेने वालों में, लंबे समय की NSAID समेत, किडनी की क्षमता कम से कम साल में एक बार जांची जानी चाहिए।
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दर्द की दवाओं के लिए eGFR 60 का क्या मतलब है?
eGFR आपकी किडनी फंक्शन रिपोर्ट पर किडनी की छनाई का अनुमान है, जो क्रिएटिनिन से निकाला जाता है। NKF कहता है कि CKD वाले लोगों को NSAID से बचना चाहिए, खासकर अगर उनका eGFR 60 से कम हो। 60 से ऊपर होना हरी झंडी नहीं है: NKF NSAID से बचने की वजहों में दिल, लिवर और ब्लड प्रेशर की स्थितियां और ऊपर की दवाएं भी गिनाता है, और कहता है कि ज्यादा मात्रा और लंबे इस्तेमाल से खतरा बढ़ता है।
अगर आपका eGFR 60 से कम है, या आपको पता नहीं है, तो अपने डॉक्टर से कहें कि आप जो भी दर्द की दवा लेते हैं, दुकान से बिना पर्चे के खरीदी हुई भी, उन सबकी समीक्षा करें। हमारी किडनी फंक्शन रिपोर्ट वाली स्टोरी बताती है कि संख्या कैसे पढ़ें।
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क्या डाइक्लोफेनैक जेल किडनी के लिए सुरक्षित है? क्या डाइक्लोफेनैक आइबुप्रोफेन से ज्यादा बुरी है?
NKF कहता है कि NSAID उत्पादों में एक किस्म जो CKD में सुरक्षित हो सकती है, वह त्वचा पर लगाया जाने वाला जेल है। डाइक्लोफेनैक जेल जोड़ों पर मला जाता है और किडनी को नुकसान का खतरा घटाता है क्योंकि बहुत कम दवा खून में जाती है। NHS भी सहमत है कि जेल या प्लास्टर से साइड इफेक्ट की संभावना कम होती है क्योंकि कम दवा शरीर में जाती है, लेकिन कहती है कि त्वचा के बड़े हिस्से पर बहुत ज्यादा लगाने पर साइड इफेक्ट फिर भी हो सकते हैं। ऊपर से लगाने वाली दर्द की दवाओं के बारे में NKF सुझाई मात्रा से ज्यादा लगाने से चेताता है, क्योंकि तब खून और किडनी तक ज्यादा दवा पहुंच सकती है।
डाइक्लोफेनैक की गोलियां और कैप्सूल अलग हैं: NKF उन्हें उन प्रिस्क्रिप्शन NSAID में गिनता है जिनसे CKD वाले लोगों को बचना चाहिए। हमारे पढ़े स्रोत आइबुप्रोफेन, नेप्रोक्सेन और डाइक्लोफेनैक को एक ही वर्ग में रखते हैं और यह नहीं कहते कि कोई एक दूसरे से ज्यादा किडनी-सुरक्षित है, इसलिए किडनी की चेतावनी का जवाब कोई दूसरी NSAID नहीं है।
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दर्द के लिए इसके बदले क्या ले सकते हैं?
पैरासिटामोल वह विकल्प है जिसे स्रोत सबसे ज्यादा बताते हैं। NKF कहता है कि एसिटामिनोफेन (पैरासिटामोल) सुझाई मात्रा में आम तौर पर किडनी के लिए सुरक्षित है, लेकिन पहले हेल्थकेयर प्रोफेशनल से पूछ लें ताकि दर्द का कारण पता चले। NHS कहती है कि आइबुप्रोफेन से पैरासिटामोल के मुकाबले ज्यादा साइड इफेक्ट हो सकते हैं और अगर आप पैरासिटामोल ले सकते हैं तो आइबुप्रोफेन से पहले उसे आज़माना अच्छा विचार है। पैरासिटामोल की सीमाएं हैं: NKF कहता है कि यह लिवर रोग को बिगाड़ सकती है, यह अक्सर खांसी-ज़ुकाम के उत्पादों में छिपी होती है इसलिए गलती से ज्यादा ले लेना आसान है, और यह सूजन नहीं घटाती, इसलिए सूजन से होने वाले दर्द में काम नहीं करेगी।
NKF यह भी कहता है कि इलाज तब बेहतर काम करता है जब उसमें दवा के अलावा चीज़ें भी हों, जैसे स्ट्रेचिंग, योग, फिज़िकल थेरेपी, एक्यूपंक्चर, मालिश या ताई ची, और दर्द की दवाओं के साथ शराब से बचने की सलाह देता है, जो NSAID के साथ किडनी इंजरी का खतरा बढ़ाती है। दिल की सुरक्षा के लिए डॉक्टर की लिखी कम मात्रा की एस्पिरिन दर्द के लिए इस्तेमाल होने वाली ज्यादा मात्रा की एस्पिरिन जैसी नहीं है। डॉक्टर की लिखी कोई दवा बिना पूछे बंद न करें।
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चेतावनी के संकेत क्या हैं, और उल्टी या दस्त हो तो क्या करें?
NHS एक्यूट किडनी इंजरी के लक्षण गिनाती है: सामान्य से बहुत कम पेशाब आना, बहुत प्यास लगना, जी मिचलाना या उल्टी, पैरों या टांगों में सूजन, थकान, चक्कर, भ्रम या नींद, और सांस फूलना, खासकर लेटने पर। हल्की होने पर कई लोगों में कोई लक्षण नहीं होते। आइबुप्रोफेन के लिए NHS किडनी की समस्या के संकेत गिनाती है: सांस फूलना, पेशाब में खून या टखनों, पैरों या हाथों में सूजन, और कहती है कि पेट से खून बहना पेट दर्द, फीकी त्वचा, खून की उल्टी या काले, चिपचिपे, तारकोल जैसे मल के रूप में दिख सकता है।
डिहाइड्रेशन खुद एक्यूट किडनी इंजरी का कारण है, और NHS कहती है कि फीके रंग के, नियमित पेशाब के लिए पर्याप्त तरल पिएं, खासकर गर्मी में या जब उल्टी या दस्त हो, और कोई भी नई दवा लेने से पहले डॉक्टर से बात करें। हमारे पढ़े स्रोत पेट की बीमारी के दौरान NSAID रोकने का कोई नियम नहीं देते, इसलिए अगर आपको किडनी रोग है, ब्लड प्रेशर की दवाएं लेते हैं या उम्रदराज़ हैं, तो ऐसी स्थिति में NSAID लेने से पहले डॉक्टर या फार्मासिस्ट से पूछें कि क्या करें।
दर्द की दवा और किडनी: कितनी जल्दी कदम उठाएं
इमरजेंसी — अभी कदम उठाएं
आपको लगभग पेशाब नहीं आ रहा, या आराम में या सीधे लेटने पर सांस फूल रही है: तुरंत इमरजेंसी में जाएं। उल्टी में खून, सीने में दर्द, सांस फूलना, कमज़ोरी या सिर हल्का लगना, शरीर के एक तरफ कमज़ोरी, बोलने या सोचने में दिक्कत, या NSAID लेने के बाद गले, होंठों या जीभ में सूजन या सांस लेने में बहुत दिक्कत हो तो तुरंत इमरजेंसी सेवाओं को कॉल करें; NHS इन्हें डाइक्लोफेनैक के इमरजेंसी संकेत बताती है। NSAID लेते हुए काला, चिपचिपा, तारकोल जैसा मल हो या पेट में गंभीर दर्द हो तो भी तुरंत इमरजेंसी में जाएं; NHS इन्हें पेट के अल्सर से खून बहने के इमरजेंसी संकेत बताती है। खुद गाड़ी न चलाएं।
आज ही — तुरंत संपर्क करें
आप सामान्य से बहुत कम पेशाब कर रहे हैं, बहुत प्यास लगी है, जी मिचला रहा है या उल्टी हो रही है, पैर, टांगें, टखने या हाथ सूजे हैं, पेशाब में खून है, मल काला है, या NSAID लेते हुए थकान, चक्कर, भ्रम या नींद महसूस हो रही है: आज ही डॉक्टर को दिखाएं और बताएं कि आप कौन सी दर्द की दवाएं लेते हैं। NHS कहती है कि अगर आपको लगे कि आपको एक्यूट किडनी इंजरी हो सकती है तो अर्जेंट अपॉइंटमेंट मांगें या हेल्थ हेल्पलाइन को फोन करें। अगर लगभग पेशाब आना बंद हो जाए या आराम में या सीधे लेटने पर सांस फूलने लगे, तो तुरंत इमरजेंसी में जाएं।
सामान्य — डॉक्टर को दिखाएं
आप अक्सर दर्द की दवाएं लेते हैं, आपको डायबिटीज़, हाई ब्लड प्रेशर, दिल या लिवर की बीमारी है, आप पेशाब बढ़ाने वाली दवाएं, ACE इनहिबिटर या ARB लेते हैं, या आपकी उम्र 65 या ज्यादा है: डॉक्टर से मिलें या फार्मासिस्ट से पूछें कि कौन सी दर्द की दवा आपके लिए ठीक है और क्या किडनी टेस्ट (eGFR और यूरिन ACR) कराना चाहिए।
इस स्टोरी में बताए गए मान
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स्रोत
- Pain medications for CKD: risks, safety and alternatives — National Kidney Foundationkidney.org
- Chronic kidney disease: assessment and management (NG203) — NICEnice.org.uk
- Acute kidney injury (AKI) — NHSnhs.uk
- Ibuprofen for adults — NHSnhs.uk
- Side effects of diclofenac — NHSnhs.uk
- Stomach ulcer — NHSnhs.uk
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