संक्षेप में
NHS 90/60 से नीचे की रीडिंग को लो कहता है और MedlinePlus 90/60 या उससे कम को, लेकिन दोनों के अनुसार यह तभी समस्या है जब इससे लक्षण हों। यहां जानिए इसके कारण, खड़े होकर होने वाली जांच कैसे काम करती है, चक्कर जैसा लगे तो क्या करें, और वे संकेत जिनमें इमरजेंसी मदद चाहिए।
इमरजेंसी अगर: ठंडी, पसीने से भीगी त्वचा, तेज सांस, नीली या धब्बेदार त्वचा या कमजोर, तेज नाड़ी; बेहोश होना और 1 मिनट के भीतर होश न आना, पूरी तरह ठीक न होना, या गंभीर चोट लगना; कसरत करते हुए या लेटे हुए बेहोश होना, या झटकों के साथ बेहोशी; सीने में दर्द या जोर से धड़कता, फड़फड़ाता या अनियमित दिल; अचानक उलझन, खासकर बुखार या इन्फेक्शन के साथ; या चक्कर या बेहोशी के साथ काला या गहरे लाल रंग का मल: तुरंत इमरजेंसी सेवाओं को कॉल करें या तुरंत इमरजेंसी में जाएं। NHLBI, MedlinePlus और NHS इन्हें शॉक, सेप्सिस या दूसरी इमरजेंसी के संकेत बताते हैं।
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क्या 90/60 लो ब्लड प्रेशर है? क्या कम रीडिंग सामान्य हो सकती है?
NHS के अनुसार लो ब्लड प्रेशर (हाइपोटेंशन, hypotension) 90/60 mmHg से कम की रीडिंग है, और MedlinePlus के अनुसार 90/60 या उससे कम। MedlinePlus बड़ों के लिए आम रेंज 90/60 से 120/80 बताता है। पहला नंबर वह दबाव है जब दिल धड़कता है और दूसरा नंबर धड़कनों के बीच का दबाव।
सिर्फ कम नंबर होना कोई बीमारी नहीं है। MedlinePlus के अनुसार कुछ लोगों का ब्लड प्रेशर हमेशा कम रहता है, उन्हें कोई लक्षण नहीं होते, और उनके लिए वही रीडिंग सामान्य है। NHS के अनुसार यह इसलिए कम हो सकता है कि आप फिट और स्वस्थ हैं, या माता-पिता से मिला है, और ब्लड प्रेशर दिन के समय और आप क्या कर रहे हैं, इसके साथ भी बदलता है। MedlinePlus के अनुसार लो ब्लड प्रेशर तभी समस्या है जब इससे चक्कर, बेहोशी या, बहुत गंभीर मामलों में, शॉक हो, और बिना लक्षण वाले स्वस्थ व्यक्ति में इसे अक्सर इलाज की जरूरत नहीं होती।
MedlinePlus यह भी कहता है कि कुछ लोगों के लिए सिर्फ 20 mmHg की गिरावट भी दिक्कत पैदा कर सकती है, इसलिए आपकी अपनी आम रीडिंग मायने रखती है। अगर आपने ब्लड प्रेशर ठीक से नहीं नापा है, तो ब्लड प्रेशर की बुनियादी बातों और घर पर ब्लड प्रेशर नापने की हमारी गाइड में तरीका बताया गया है।
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लो बीपी के लक्षण क्या हैं, और चक्कर आए तो क्या करें?
NHS हल्कापन या चक्कर, मिचली, धुंधला दिखना, आम तौर पर कमजोरी महसूस होना, उलझन और बेहोशी गिनाता है। NHLBI थकान, सिरदर्द, धड़कन का जोर से या छूटते हुए महसूस होना और गर्दन या पीठ का दर्द भी गिनाता है। कई लोगों को कोई लक्षण होता ही नहीं।
MedlinePlus के अनुसार लक्षण शुरू होते ही तुरंत बैठ जाएं या लेट जाएं और पैर दिल की ऊंचाई से ऊपर रखें। NHS के अनुसार बैठे या लेटे हुए से धीरे-धीरे उठें, थोड़ा-थोड़ा करके बार-बार खाएं, ज्यादा पानी पिएं, देर तक बैठे या खड़े न रहें, और ज्यादा शराब से बचें।
आपने सुना होगा कि नमक का पानी लो ब्लड प्रेशर ठीक कर देता है। यह NHS की खुद देखभाल की सूची में नहीं है। MedlinePlus ज्यादा नमक का जिक्र सिर्फ एक तरह के लो ब्लड प्रेशर के लिए करता है, और आजमाने से पहले अपने डॉक्टर से बात करने को कहता है। अगर आपको हाई ब्लड प्रेशर है या दिल या किडनी की बीमारी है, तो पहले अपने डॉक्टर से पूछें।
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खड़े होते ही चक्कर क्यों आता है? पोस्चरल हाइपोटेंशन क्या है?
NHS के अनुसार अगर खड़े होने पर या अचानक पोजीशन बदलने पर लक्षण होते हैं, तो आपको पोस्चरल हाइपोटेंशन (postural hypotension) हो सकता है, जिसे ऑर्थोस्टैटिक हाइपोटेंशन भी कहते हैं। MedlinePlus के अनुसार लेटे हुए से खड़े होने पर ब्लड प्रेशर गिरता है, और यह आम तौर पर कुछ सेकंड या मिनट ही रहता है। यह सबसे ज्यादा बुजुर्गों, हाई ब्लड प्रेशर वाले लोगों और पार्किंसन रोग वाले लोगों को होता है।
ऑटोनोमिक विशेषज्ञों का एक सर्वसम्मति वक्तव्य इसे ऐसे परिभाषित करता है: खड़े होने के 3 मिनट के भीतर ऊपर के नंबर में कम से कम 20 mmHg या नीचे के नंबर में कम से कम 10 mmHg की लगातार गिरावट। उसी पेपर में क्लिनिक का मानक तरीका बताया गया है: कम से कम 5 मिनट लेटकर आराम करें, फिर 3 मिनट खड़े रहें, और रीडिंग खड़े होने से ठीक पहले, फिर 1 मिनट पर और 3 मिनट पर लें। जिन लोगों का लेटे हुए ब्लड प्रेशर ज्यादा है (ऊपर का नंबर 150 या ज्यादा, या नीचे का नंबर 90 या ज्यादा), उनके लिए पेपर ऊपर के नंबर में बड़ी गिरावट, 30 mmHg, को सीमा मानता है।
घर पर एक बार की जांच सिर्फ मोटा अंदाजा देती है, इसलिए रीडिंग अपने डॉक्टर को दिखाएं। कान के अंदर की गड़बड़ी से होने वाला चक्कर, जिसमें सब कुछ घूमता लगता है, अलग समस्या है; उसे हमारी वर्टिगो गाइड समझाती है। बुजुर्गों के लिए MedlinePlus चेतावनी देता है कि लो ब्लड प्रेशर से गिरने पर कूल्हे या रीढ़ की हड्डी टूट सकती है, और क्या मदद करता है, यह हमारी गिरने से बचाव की गाइड में है।
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लो ब्लड प्रेशर के कारण क्या हैं? पानी की कमी, दवाएं या कुछ गंभीर?
NHLBI और MedlinePlus आम कारण गिनाते हैं। पर्याप्त तरल न पीना (डिहाइड्रेशन) और चोट से खून बहना ब्लड प्रेशर घटा सकते हैं। दवाएं एक आम वजह हैं: MedlinePlus डाइयूरेटिक्स, दिल और ब्लड प्रेशर की दवाएं, कुछ एंटीडिप्रेसेंट, एंटी-एंग्जायटी दवाएं, दर्द की दवाएं और शराब का नाम लेता है, और NHLBI के अनुसार बुजुर्गों में ब्लड प्रेशर की दवाओं के साइड इफेक्ट के तौर पर लो ब्लड प्रेशर होने की संभावना ज्यादा होती है। कोई भी दवा खुद बंद न करें; MedlinePlus और NHS के अनुसार डॉक्टर खुराक या दवा बदल सकते हैं।
दूसरे कारण हैं गर्भावस्था, डायबिटीज़ (उससे होने वाला नसों का नुकसान भी), दिल की धड़कन की लय की गड़बड़ियां और हार्ट फेल्योर। NHS यह भी कहता है कि बेहोशी बहुत जल्दी खड़े होने, पर्याप्त खाना-पीना न होने, या बहुत गर्मी लगने से भी हो सकती है।
गंभीर लो ब्लड प्रेशर, जिसे शॉक कहते हैं, अलग बात है। MedlinePlus के अनुसार यह अचानक खून बहने, गंभीर इन्फेक्शन, हार्ट अटैक या गंभीर एलर्जी रिएक्शन के बाद हो सकता है। NHS के अनुसार सेप्सिस, यानी इन्फेक्शन पर जानलेवा प्रतिक्रिया, में उलझन, बहुत तेज सांस और नीली, फीकी या धब्बेदार त्वचा हो सकती है। शरीर को कितने तरल की जरूरत होती है, यह हमारी हाइड्रेशन गाइड में है।
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लो ब्लड प्रेशर कब इमरजेंसी है?
NHLBI के अनुसार शॉक के संकेत हैं ठंडी और पसीने से भीगी त्वचा, तेज सांस, त्वचा का नीला रंग, या कमजोर और तेज नाड़ी, और शॉक में तुरंत इलाज चाहिए। MedlinePlus के अनुसार अगर लो ब्लड प्रेशर से कोई बेहोश हो जाए तो तुरंत इलाज कराएं। NHS के अनुसार इमरजेंसी मदद तब लें जब बेहोश हुए व्यक्ति को 1 मिनट के भीतर होश न आए, वह पूरी तरह ठीक न हुआ हो, उसे सीने में दर्द या अनियमित, जोर से धड़कता या फड़फड़ाता दिल महसूस हो, बेहोशी से पहले या बाद में उसे गंभीर चोट लगी हो, वह कांप रहा हो या उसके झटके आ रहे हों, या वह कसरत करते हुए या लेटे हुए बेहोश हुआ हो।
MedlinePlus काला या गहरे लाल रंग का मल, सीने में दर्द, सांस फूलना, अनियमित धड़कन और 38.3 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा बुखार को भी ऐसे कारण बताता है जिनमें तुरंत अपने डॉक्टर को बताना चाहिए। चक्कर के साथ काला मल खून बहने का संकेत हो सकता है, जो शॉक का एक कारण है, इसलिए इंतजार न करें। एक बार की बेहोशी के बाद, जिससे व्यक्ति पूरी तरह ठीक हो गया, NHS फिर भी डॉक्टर से जांच कराने को कहता है, क्योंकि कारण का पता लगाना जरूरी है। इंतजार के दौरान क्या करें, यह हमारी बेहोशी की फर्स्ट-एड गाइड में है।
कब क्या करें
इमरजेंसी — अभी कदम उठाएं
ठंडी, पसीने से भीगी त्वचा, तेज सांस, नीली या धब्बेदार त्वचा या कमजोर, तेज नाड़ी; बेहोश होना और 1 मिनट के भीतर होश न आना, पूरी तरह ठीक न होना, या गंभीर चोट लगना; कसरत करते हुए या लेटे हुए बेहोश होना, या झटकों के साथ बेहोशी; सीने में दर्द या जोर से धड़कता, फड़फड़ाता या अनियमित दिल; अचानक उलझन, खासकर बुखार या इन्फेक्शन के साथ; या चक्कर या बेहोशी के साथ काला या गहरे लाल रंग का मल: तुरंत इमरजेंसी सेवाओं को कॉल करें या तुरंत इमरजेंसी में जाएं। NHLBI, MedlinePlus और NHS इन्हें शॉक, सेप्सिस या दूसरी इमरजेंसी के संकेत बताते हैं।
आज ही — तुरंत संपर्क करें
आप एक बार बेहोश हुए, एक-दो मिनट में पूरी तरह ठीक हो गए, और इमरजेंसी का कोई संकेत नहीं है; या आपको बार-बार चक्कर या हल्कापन आता है, या हर बार खड़े होने पर चक्कर जैसा लगता है: आज ही डॉक्टर को दिखाएं। MedlinePlus चक्कर, हल्कापन या बेहोशी के लिए तुरंत अपने डॉक्टर को बताने को कहता है, और NHS के अनुसार बेहोश हुए हर व्यक्ति की जांच होनी चाहिए।
सामान्य — डॉक्टर को दिखाएं
आपकी रीडिंग कम है पर आप ठीक महसूस करते हैं: अगली बार डॉक्टर से मिलें और पूछें कि क्या आपकी कोई दवा इसकी वजह हो सकती है। सलाह के बिना कोई दवा बंद न करें।
स्रोत
- Low blood pressure (hypotension) — NHSnhs.uk
- Low blood pressure — MedlinePlus Medical Encyclopediamedlineplus.gov
- Low Blood Pressure — NHLBInhlbi.nih.gov
- The recommendations of a consensus panel for the screening, diagnosis, and treatment of neurogenic orthostatic hypotension and associated supine hypertension — Journal of Neurology (2017)pmc.ncbi.nlm.nih.gov
- Fainting — NHSnhs.uk
- Sepsis — NHSnhs.uk
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