संक्षेप में
WHO के अनुसार वयस्कों को रोज 5 g से कम नमक लेना चाहिए, जो 2 g से कम सोडियम है; दुनिया का औसत लगभग 11 g है। इसका बड़ा हिस्सा प्रोसेस्ड खाने में छिपा हो सकता है, सेंधा नमक और गुलाबी नमक भी सोडियम क्लोराइड ही हैं, और पोटैशियम वाला नमक हर किसी के लिए सुरक्षित नहीं है।
इमरजेंसी अगर: आपके सीने में अचानक ऐसा दर्द या बेचैनी है जो जाती नहीं, जो जकड़न, दबाव, जलन या अपच जैसी लग सकती है; दर्द जो बांह, गर्दन, जबड़े, पेट या पीठ तक फैलता है; या सीने का दर्द पसीने, मिचली, चक्कर या सांस फूलने के साथ है: तुरंत इमरजेंसी सेवाओं को कॉल करें। ये हार्ट अटैक के संकेत हो सकते हैं। खुद गाड़ी चलाकर न जाएं; किसी से गाड़ी चलवाएं या एम्बुलेंस बुलाएं। ये हाई ब्लड प्रेशर के लिए NHS के तुरंत कदम उठाने वाले संकेत हैं। अगर आप पोटैशियम वाला नमक (सॉल्ट सब्स्टिट्यूट) इस्तेमाल करते हैं और आपको किडनी रोग है, या आप ACE इन्हिबिटर, ARB, स्पाइरोनोलैक्टोन या पोटैशियम बचाने वाली कोई दूसरी दवा या पोटैशियम सप्लीमेंट लेते हैं, और आपको दिल की धड़कन महसूस होना (पैल्पिटेशन), मांसपेशियों में बहुत ज्यादा कमजोरी या बेहोशी हो, तो तुरंत इमरजेंसी में जाएं; हमारी हाई पोटैशियम वाली स्टोरी बताती है कि ऐसा क्यों होता है।
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सोडियम (Sodium), पोटैशियम (Potassium)
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रोज कितना नमक खाना चाहिए (namak kitna khana chahiye)?
WHO सिफारिश करता है कि वयस्क रोज 2 g से कम सोडियम लें, जो 5 g से कम नमक के बराबर है, यानी एक छोटे चम्मच से थोड़ा कम। वह इसे मजबूत सिफारिश कहता है। 2 से 15 साल के बच्चों के लिए WHO कहता है कि वयस्कों की सीमा को उनकी ऊर्जा की जरूरत के हिसाब से घटा लें; यह सलाह पहले 2 साल के शिशुओं पर लागू नहीं होती, जो मां का दूध पीते हैं या पूरक आहार पर होते हैं।
WHO के अनुसार 2021 में दुनिया भर में वयस्कों का औसत सेवन रोज 4.3 g सोडियम था, जो 11 g नमक के बराबर है, यानी उसकी सीमा से दोगुने से भी ज्यादा। सीमा में वह सारा सोडियम गिना जाता है जो आप खाते हैं, उसमें भी जो पैकेट वाले और पके हुए खाने में पहले से है, सिर्फ वह नमक नहीं जो आप थाली में ऊपर से डालते हैं। WHO यह भी कहता है कि स्वस्थ लोगों में सोडियम की कमी की संभावना बेहद कम है, इसलिए यह एक ऊपरी सीमा है जिसके नीचे रहना है, कोई लक्ष्य नहीं जिसे पूरा करना है।
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नमक और सोडियम में क्या फर्क है, और लेबल कैसे पढ़ें?
टेबल सॉल्ट सोडियम क्लोराइड है, और Harvard का Nutrition Source कहता है कि उसमें लगभग 40% सोडियम और 60% क्लोराइड होता है। WHO का कन्वर्टर भी यही आंकड़े देता है: 1 g नमक में 400 मिलिग्राम सोडियम होता है, और 5 g नमक में 2,000 मिलिग्राम। इसलिए सोडियम को नमक में बदलने के लिए 2.5 से गुणा करें; नमक को सोडियम में बदलने के लिए 0.4 से गुणा करें।
यह इसलिए मायने रखता है कि कई लेबल नमक नहीं, सोडियम बताते हैं। एक सर्विंग में 0.8 g, यानी 800 मिलिग्राम, सोडियम लिखा हो तो उसका मतलब 2 g नमक है, जो एक ही सर्विंग में WHO की रोज की सीमा का 40% है। सोडियम टेबल सॉल्ट के अलावा दूसरे स्रोतों से भी आता है: WHO बताता है कि सोडियम ग्लूटामेट (मोनोसोडियम ग्लूटामेट, यानी MSG) में भी सोडियम होता है, जो खाने में सामग्री और एडिटिव के रूप में इस्तेमाल होता है, और दूध, मांस और शेलफिश में सोडियम प्राकृतिक रूप से होता है। लेबल पर लिखा कुल सोडियम देखें, और बिना बदले उसकी तुलना 5 g नमक के आंकड़े से न करें।
03
छिपा हुआ नमक कहां से आता है: अचार, पापड़, नमकीन, ब्रेड और सॉस?
WHO कहता है कि सोडियम अक्सर प्रोसेस्ड खाने में ज्यादा मात्रा में मिलता है, जैसे ब्रेड, प्रोसेस्ड मीट और स्नैक फूड, और सोया और फिश सॉस जैसे कंडिमेंट में। वह कहता है कि मुख्य स्रोत किसी आबादी की खान-पान की संस्कृति और आदतों पर निर्भर करते हैं, और कई उच्च-आय वाले देशों में, और निम्न व मध्यम आय वाले देशों में भी बढ़ते हुए, सोडियम का एक बड़ा हिस्सा प्रोसेस्ड खाने से आता है। NHS नमक में संरक्षित मांस और मछली, चीज़, जैतून और अचार को ऐसे नमकीन खाने बताता है जिन्हें कम बार या थोड़ी मात्रा में खाना चाहिए।
अचार, पापड़ और नमकीन संरक्षित और स्नैक वाले उन्हीं खानों के हमारे उदाहरण हैं जिनका वे स्रोत वर्णन करते हैं। हमारे इस्तेमाल किए गए किसी स्रोत ने यह नहीं मापा कि इनमें कितना नमक होता है, इसलिए पैकेट वाले खरीदते समय पैक पर लिखे सोडियम की तुलना करें, और याद रखें कि सॉस, इंस्टेंट नूडल्स के फ्लेवर वाले पैकेट और केचप भी इसी तरह के कंडिमेंट हैं। WHO की नमक घटाने के तरीकों की सूची यह है: ज्यादातर ताजा, कम प्रोसेस्ड खाना खाएं; मेज से नमकदानी हटा दें; खाना पकाते समय नमक कम डालें या बिल्कुल न डालें; खाने में जड़ी-बूटियों और मसालों से स्वाद लाएं; बाजार के सॉस, ड्रेसिंग और इंस्टेंट प्रोडक्ट सीमित करें; प्रोसेस्ड खाना सीमित करें; और कम सोडियम वाले विकल्प चुनें।
04
क्या सेंधा नमक या गुलाबी नमक आम नमक से बेहतर है?
Harvard का Nutrition Source कहता है कि नमक नमक की खदानों से या समुद्र के पानी को वाष्पित करके निकाला जाता है, सभी तरह के नमक सोडियम क्लोराइड से बने होते हैं, और पोषक तत्व बहुत कम बदलते हैं। कम प्रोसेस्ड नमकों में खनिज थोड़ी मात्रा में होते हैं, लेकिन वह कहता है कि यह मात्रा कोई खास पोषण फायदा देने के लिए काफी नहीं है, और अलग-अलग नमक मुख्य रूप से स्वाद के लिए चुने जाते हैं। वह हिमालयन गुलाबी नमक को खदान से निकला बताता है, जिसका गुलाबी रंग आयरन ऑक्साइड की थोड़ी मात्रा से आता है। वह सेंधा नमक (रॉक सॉल्ट) या काला नमक का नाम नहीं लेता, इसलिए हम उनके लिए कोई आंकड़ा नहीं दे सकते; सेंधा नमक खदान से निकला नमक है, और पेज कहता है कि लेबल पर सोडियम देखें।
Harvard की तालिका एक छोटे चम्मच में लगभग सोडियम बताती है: बारीक आयोडीन वाले टेबल सॉल्ट में लगभग 2.3 g, हिमालयन गुलाबी नमक में 2.2 g, बारीक समुद्री नमक में 2.1 g और दरदरे समुद्री नमक में 1.6 g, और जिसे वह काला नमक कहती है उसमें 1.15 से 2.2 g। यह अंतर मुख्य रूप से दानों के आकार से आता है, क्योंकि बारीक पिसा नमक एक छोटे चम्मच में दरदरे क्रिस्टल से ज्यादा समाता है, इसलिए नहीं कि किसी एक नमक में वजन के हिसाब से कम सोडियम होता है। WHO यह भी कहता है कि खाया जाने वाला सारा नमक आयोडीन वाला होना चाहिए, इसलिए खदान वाले या समुद्री नमक पर जाने से पहले पैकेट पर आयोडीन देख लें।
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क्या नमक कम खाने से सच में ब्लड प्रेशर घटता है?
WHO कहता है कि ज्यादा सोडियम वाले खाने का मुख्य सेहत पर असर ब्लड प्रेशर का बढ़ना है, जिससे हृदय रोग का खतरा बढ़ता है, और यह पेट के कैंसर, किडनी रोग और दूसरी स्थितियों से भी जुड़ा है। सबसे जाना-माना नियंत्रित परीक्षण New England Journal of Medicine में छपा DASH-Sodium ट्रायल है। उसमें 412 लोगों को बेतरतीब ढंग से दो में से एक डाइट पर रखा गया: रोज के आम खाने जैसी कंट्रोल डाइट, या सब्जियों, फलों और कम फैट वाले डेयरी से भरपूर DASH डाइट। हर व्यक्ति पूरे समय अपनी तय डाइट पर रहा और उसे तीन सोडियम स्तरों पर, ज्यादा, मध्यम और कम, हर स्तर पर लगातार 30 दिन, बेतरतीब क्रम में खाया।
कंट्रोल डाइट पर सोडियम को ज्यादा से मध्यम स्तर पर लाने से सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर 2.1 mm Hg घटा, और मध्यम से कम पर लाने से 4.6 mm Hg और घटा। DASH डाइट पर यह गिरावट 1.3 और 1.7 mm Hg रही। असर उन लोगों में भी दिखा जिन्हें हाई ब्लड प्रेशर था और उनमें भी जिन्हें नहीं था। कम सोडियम वाली DASH डाइट ने ज्यादा सोडियम वाली कंट्रोल डाइट के मुकाबले हाई ब्लड प्रेशर न रखने वाले लोगों में सिस्टोलिक प्रेशर 7.1 mm Hg कम किया, और हाई ब्लड प्रेशर वाले लोगों में 11.5 mm Hg कम।
ये छोटे, नियंत्रित खाने वाले दौर थे, और लेखकों के अनुसार लंबे समय का फायदा इस पर निर्भर करता है कि लोग स्थायी बदलाव करें। Harvard जोड़ता है कि नमक के जवाब में ब्लड प्रेशर कितना बदलता है, यह लोगों में अलग-अलग होता है। अगर आप ब्लड प्रेशर की दवाएं लेते हैं, तो नमक कम करना उनके साथ एक अतिरिक्त कदम है, उन्हें बंद करने की वजह नहीं; कोई भी दवा बदलने से पहले अपने डॉक्टर से पूछें।
06
क्या पोटैशियम वाला नमक (कम सोडियम वाला नमक) सुरक्षित विकल्प है?
WHO सुझाव देता है कि अगर आप टेबल सॉल्ट इस्तेमाल करते हैं, तो आम नमक की जगह पोटैशियम वाला कम सोडियम का नमक (सॉल्ट सब्स्टिट्यूट) इस्तेमाल करें। यह एक सशर्त सिफारिश है, जो आम आबादी के वयस्कों के लिए है, गर्भवती महिलाओं या बच्चों के लिए नहीं, और इसमें किडनी की कमजोरी वाले या ऐसी दूसरी स्थितियों वाले लोग शामिल नहीं हैं जो शरीर की पोटैशियम निकालने की क्षमता घटा सकती हैं, जैसे पोटैशियम बचाने वाली मूत्रवर्धक दवाएं या पोटैशियम सप्लीमेंट लेने वाले लोग। WHO के रिव्यू में 26 ट्रायल थे; उनमें इन विकल्पों ने सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर औसतन 4.76 mm Hg घटाया और खून में पोटैशियम 0.12 mmol/L बढ़ाया, और खून में पोटैशियम ज्यादा होने (हाइपरकैलीमिया) में बहुत कम या कोई अंतर नहीं था।
सबसे बड़े ट्रायल SSaSS में 600 गांवों के 20,995 लोगों को, जिन सभी को स्ट्रोक का इतिहास था या जो 60 साल या उससे ज्यादा उम्र के थे और हाई ब्लड प्रेशर था, या तो आम नमक पर रखा गया या ऐसे विकल्प पर जो 75% सोडियम क्लोराइड और 25% पोटैशियम क्लोराइड था। औसतन 4.74 साल बाद विकल्प के साथ स्ट्रोक कम था (प्रति 1000 व्यक्ति-वर्ष 29.14 बनाम 33.65 घटनाएं, रेट रेशियो 0.86, 95% कॉन्फिडेंस इंटरवल 0.77 से 0.96), और किसी भी कारण से मृत्यु भी कम थी (रेट रेशियो 0.88, 0.82 से 0.95)। ज्यादा पोटैशियम से गंभीर प्रतिकूल घटनाओं में उल्लेखनीय अंतर नहीं था (रेट रेशियो 1.04, 0.80 से 1.37)।
सावधानी मायने रखती है। WHO कहता है कि उसके रिव्यू के हर ट्रायल में किडनी रोग वाले या पोटैशियम बचाने वाली दवाओं पर चल रहे लोगों को बाहर रखा गया था, इसलिए नतीजे यह नहीं बताते कि उनके लिए यह सुरक्षित है, और कुछ ट्रायल में डायबिटीज़ वाले लोग भी बाहर रखे गए थे। WHO कहता है कि सबूत का कुल भरोसा कम था, इसीलिए सिफारिश सशर्त है, और जिन लोगों को बिना पता चली किडनी की बीमारी है, जिनके लिए लंबे समय तक ज्यादा पोटैशियम चिंता की बात हो सकती है, उन्हें शायद पता भी नहीं होता कि वे प्रभावित हैं। WHO के रिव्यू के ज्यादातर विकल्पों में अब भी 41% से 75% सोडियम क्लोराइड था, और WHO की सलाह उस नमक पर लागू होती है जो आप खुद डालते हैं, पैकेट वाले खाने पर नहीं। अगर आपको किडनी रोग, हार्ट फेल्योर या डायबिटीज़ है, या आप ब्लड प्रेशर या दिल की कोई दवा लेते हैं, तो पहले अपने डॉक्टर से पूछे बिना न बदलें। ACE इन्हिबिटर, एंजियोटेंसिन रिसेप्टर ब्लॉकर (ARB) और स्पाइरोनोलैक्टोन जैसी कई आम दवाएं भी खून में पोटैशियम बढ़ाती हैं, जैसे पोटैशियम सप्लीमेंट बढ़ाते हैं; हमारी हाई पोटैशियम वाली स्टोरी बताती है कि ऐसा क्यों होता है।
नमक, ब्लड प्रेशर और पोटैशियम वाला नमक: कितनी जल्दी कदम उठाएं
इमरजेंसी — अभी कदम उठाएं
आपके सीने में अचानक ऐसा दर्द या बेचैनी है जो जाती नहीं, जो जकड़न, दबाव, जलन या अपच जैसी लग सकती है; दर्द जो बांह, गर्दन, जबड़े, पेट या पीठ तक फैलता है; या सीने का दर्द पसीने, मिचली, चक्कर या सांस फूलने के साथ है: तुरंत इमरजेंसी सेवाओं को कॉल करें। ये हार्ट अटैक के संकेत हो सकते हैं। खुद गाड़ी चलाकर न जाएं; किसी से गाड़ी चलवाएं या एम्बुलेंस बुलाएं। ये हाई ब्लड प्रेशर के लिए NHS के तुरंत कदम उठाने वाले संकेत हैं। अगर आप पोटैशियम वाला नमक (सॉल्ट सब्स्टिट्यूट) इस्तेमाल करते हैं और आपको किडनी रोग है, या आप ACE इन्हिबिटर, ARB, स्पाइरोनोलैक्टोन या पोटैशियम बचाने वाली कोई दूसरी दवा या पोटैशियम सप्लीमेंट लेते हैं, और आपको दिल की धड़कन महसूस होना (पैल्पिटेशन), मांसपेशियों में बहुत ज्यादा कमजोरी या बेहोशी हो, तो तुरंत इमरजेंसी में जाएं; हमारी हाई पोटैशियम वाली स्टोरी बताती है कि ऐसा क्यों होता है।
आज ही — तुरंत संपर्क करें
आपको अक्सर सिरदर्द या धुंधला दिखता है, या सीने का दर्द आता-जाता है: आज ही डॉक्टर को दिखाएं। NHS इन लक्षणों वाले लोगों से अर्जेंट सलाह लेने को कहता है, क्योंकि ये हाई ब्लड प्रेशर की वजह से हो सकते हैं।
सामान्य — डॉक्टर को दिखाएं
आपको किडनी रोग, हार्ट फेल्योर या डायबिटीज़ है, आप ACE इन्हिबिटर, ARB, स्पाइरोनोलैक्टोन या पोटैशियम बचाने वाली कोई दूसरी मूत्रवर्धक दवा जैसी ब्लड प्रेशर या दिल की दवा लेते हैं, पोटैशियम सप्लीमेंट लेते हैं, या गर्भवती हैं, और पोटैशियम वाला नमक (सॉल्ट सब्स्टिट्यूट) इस्तेमाल करना चाहते हैं: पहले अपने डॉक्टर से पूछें। WHO की सलाह इन समूहों पर लागू नहीं होती, और ये दवाएं खून में पोटैशियम बढ़ा सकती हैं। अगर आपने अपना ब्लड प्रेशर नहीं जांचा है, तो उसे घर पर या क्लिनिक में जांचें।
इस स्टोरी में बताए गए मान
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स्रोत
- Sodium reduction — WHO fact sheetwho.int
- Salt and Sodium — Harvard T.H. Chan School of Public Health, The Nutrition Sourcenutritionsource.hsph.harvard.edu
- Effects on blood pressure of reduced dietary sodium and the DASH diet (DASH-Sodium) — New England Journal of Medicine, 2001pubmed.ncbi.nlm.nih.gov
- Use of lower-sodium salt substitutes — WHO guideline (2025)who.int
- Effect of Salt Substitution on Cardiovascular Events and Death (SSaSS) — New England Journal of Medicine, 2021pubmed.ncbi.nlm.nih.gov
- High blood pressure (hypertension) — NHSnhs.uk
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