संक्षेप में
घाव पर टिटनेस का इंजेक्शन चाहिए या नहीं, यह दो बातों पर निर्भर करता है: घाव कितना गंदा है और आपकी आखिरी डोज को कितना समय हुआ है। यहां है फैसले की तालिका, इम्युनोग्लोबुलिन कब जोड़ा जाता है, TT की जगह Td क्यों आया, और काटने और जलने के घाव में क्या बदलता है।
इमरजेंसी अगर: किसी भी घाव के बाद जबड़े में अकड़न या मुंह खोलने या निगलने में दिक्कत, मांसपेशियों में दर्द भरी ऐंठन या अकड़न, सांस लेने में दिक्कत, तेज धड़कन या दौरा: तुरंत इमरजेंसी में जाएं। बड़े या गहरे घाव के लिए भी इमरजेंसी इलाज चाहिए।
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छोटा घाव भी क्यों मायने रख सकता है
टिटनेस (tetanus) एक बैक्टीरिया के स्पोर (बीजाणु) से होता है जो लगभग हर जगह मिलता है: मिट्टी, राख, जानवरों और इंसानों के मल में, त्वचा पर, और कीलों और कंटीले तार जैसे जंग लगे औजारों पर। WHO कहता है कि ये स्पोर गर्मी और ज्यादातर एंटीसेप्टिक झेल लेते हैं और सालों तक जिंदा रह सकते हैं। घाव में पहुंचकर ये एक टॉक्सिन (जहर) बना सकते हैं, जिससे जबड़ा अकड़ जाता है और मांसपेशियों में दर्द भरी ऐंठन होती है। लक्षण आमतौर पर इन्फेक्शन के 3 से 21 दिन बाद आते हैं, ज्यादातर 14 दिन के अंदर।
यह एक मेडिकल इमरजेंसी है, और राष्ट्रीय Td गाइडलाइन कहती है कि इलाज के बिना मौत की दर 100% के करीब पहुंच जाती है। टिटनेस हो जाने से इम्यूनिटी नहीं बनती, इसलिए WHO कहता है कि ठीक हो चुके लोगों को भी टीका लगवाना जरूरी है। टिटनेस उन लोगों को भी हो सकता है जिन्हें कोई घाव याद नहीं। बचाव टीका है, और इसे जांचने का सही समय वह है जब आपको चोट लगे।
बाकी कुछ भी हो, सबसे पहले घाव की देखभाल आती है। CDC डॉक्टरों से कहता है कि हर घाव को साफ करें, धूल-मिट्टी और बाहरी चीजें निकालें और मरा हुआ ऊतक काटकर हटाएं। वह यह भी कहता है कि टिटनेस रोकने की कोशिश में त्वचा पर लगाने वाली या मुंह से ली जाने वाली एंटीबायोटिक इस्तेमाल नहीं करनी चाहिए, हालांकि इन्फेक्शन वाले घाव का इलाज होना चाहिए। फर्स्ट एड और कब कट पर टांके चाहिए, यह हमारी गाइड “कटना और घाव” में दिया गया है।
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साफ या गंदा: घाव को कैसे बांटा जाता है
CDC घावों को दो समूहों में रखता है। साफ, छोटे घावों में खतरा कम होता है। गंदे या बड़े घावों में ज्यादा, और इनमें आते हैं चुभने वाले या अंदर तक घुसे घाव; ऐसे घाव जिनमें धूल, मिट्टी, मल या लार हो, जिसमें जानवर और इंसान के काटे घाव शामिल हैं; और ऐसे घाव जिनमें मरा हुआ या कुचला हुआ ऊतक हो, जैसे जलना, कुचलने की चोट, खुली हड्डी टूटना (open fracture) और फ्रॉस्टबाइट।
इमरजेंसी में चोटों के लिए WHO का प्रोटोकॉल मिलती-जुलती सूची इस्तेमाल करता है और एक चीज और जोड़ता है: जिस घाव को ठीक से साफ करने और उसका इलाज होने में 6 घंटे से ज्यादा लग जाएं, वह टिटनेस के खतरे वाला माना जाता है। NHS इसे सीधे शब्दों में कहता है: जब भी मिट्टी या खाद घाव में जाए, जैसे काटने, जलने या खरोंच में, तब खतरा होता है, और बड़े या गहरे घाव में, या घाव में कुछ फंसा हो तो, खतरा ज्यादा होता है।
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क्या बूस्टर चाहिए? आखिरी डोज के बाद के साल
अगर आपने टिटनेस टीके का शुरुआती (प्राइमरी) कोर्स पूरा कर लिया है, तो CDC का नियम आखिरी डोज के बाद बीते समय पर टिका है। 5 साल से कम: घाव कैसा भी हो, टीके की जरूरत नहीं। साफ, छोटे घाव में बूस्टर तब चाहिए जब आखिरी डोज को 10 साल या उससे ज्यादा हो गए हों। गंदे या बड़े घाव में बूस्टर तब चाहिए जब आखिरी डोज को 5 साल या उससे ज्यादा हो गए हों।
अगर आपको कभी टीका नहीं लगा, कोर्स पूरा नहीं हुआ, या आपको पता नहीं, तो CDC कहता है कि किसी भी घाव पर, साफ हो या गंदा, एक डोज दें और फिर पूरी सीरीज पूरी करें। WHO का पोजीशन पेपर भी मानता है कि शेड्यूल जितनी जल्दी हो सके पूरा किया जाना चाहिए, और कहता है कि जब चोट गंभीर हो या टीके का इतिहास भरोसेमंद न हो, तो डॉक्टर एक डोज दे सकते हैं, बेहतर हो कि Td।
सभी स्रोत एक ही पैमाना इस्तेमाल नहीं करते। NHS इसकी जगह कुल डोज गिनता है: वह कहता है कि अगर आपको कुल मिलाकर 5 से कम डोज लगी हैं, या आपका इतिहास पक्का नहीं है, तो आपको टीके या बूस्टर की जरूरत हो सकती है, और वह घाव के लिए कोई समय सीमा नहीं देता। गंदे घाव के लिए CDC का 5 साल वाला नियम ज्यादा सख्त है। अगर आपको याद नहीं, तो साफ बता दें; अनिश्चित इतिहास को अधूरा माना जाता है।
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इम्युनोग्लोबुलिन कब जोड़ा जाता है, और काटने और जलने से क्या बदलता है
टिटनेस इम्युनोग्लोबुलिन (TIG) बनी-बनाई एंटीबॉडी का एक अलग इंजेक्शन है। CDC कहता है कि यह खून में मौजूद टॉक्सिन को बेअसर करके कुछ समय की सुरक्षा देता है, पर जो टॉक्सिन पहले ही नसों (नर्व) से जुड़ चुका है उसे बेअसर नहीं कर सकता, इसीलिए इसे जल्दी दिया जाता है। साफ, छोटे घाव में इसकी कभी जरूरत नहीं होती। गंदे या बड़े घाव में CDC टीके के साथ-साथ TIG उन लोगों को देता है जिन्हें कभी टीका नहीं लगा, जिनका कोर्स पूरा नहीं हुआ या जिन्हें पता नहीं, और HIV वाले या बहुत कमजोर इम्यून सिस्टम वाले हर व्यक्ति को।
WHO का पोजीशन पेपर भी यही रुख रखता है: गंदे घाव में उन लोगों को TIG जिनका टीकाकरण अधूरा है या जिन्हें पक्का नहीं पता। उसका इमरजेंसी घाव प्रोटोकॉल इससे आगे जाता है और टिटनेस के खतरे वाली हर चोट पर टीका और TIG दोनों देता है, साथ ही यह भी कहता है कि राष्ट्रीय सिफारिशें अलग हो सकती हैं।
कुत्ते या किसी दूसरे जानवर का काटा घाव लार की वजह से गंदा घाव माना जाता है, इसलिए रेबीज के अलग फैसले के साथ-साथ टिटनेस का सवाल भी लागू होता है; देखें “कुत्ते, बिल्ली या किसी जानवर ने काट लिया”। जलने के घाव भी गिने जाते हैं, खराब हुए ऊतक की वजह से; पहले कुछ मिनटों में क्या करें, यह हमारी गाइड “जलने पर फर्स्ट एड” में दिया गया है।
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TT अब Td है
अगर किसी पुराने कार्ड पर TT लिखा है, तो वह सिर्फ टिटनेस टॉक्सॉइड था। टीकाकरण पर राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह की सलाह पर, कार्यक्रम ने प्रेग्नेंट महिलाओं समेत सभी उम्र के लोगों के लिए TT की जगह Td कर दिया, जिसमें डिप्थीरिया का कम ताकत वाला हिस्सा भी जुड़ा है, और इसकी सप्लाई नवंबर 2018 से शुरू होनी थी। वजह डिप्थीरिया थी: ज्यादातर मामले अब 5 साल और उससे बड़ी उम्र के लोगों में थे, क्योंकि शिशु अवस्था की डोज से मिली सुरक्षा घट जाती है।
कुछ भी दोबारा शुरू नहीं होता। राष्ट्रीय Td गाइडलाइन कहती है कि पहले की TT डोज के बाद Td दिया जा सकता है, पिछली सभी TT डोज मान्य रहती हैं, और शेड्यूल वही है। कार्यक्रम 16 से 24 महीने पर और 5 से 6 साल पर DPT बूस्टर देता है, फिर 10 और 16 साल पर Td। प्रेग्नेंसी में यह शुरुआत में Td-1 देता है, चार हफ्ते बाद Td-2, या सिर्फ एक बूस्टर (Td-B) अगर प्रेग्नेंसी किसी ऐसी पिछली प्रेग्नेंसी के 3 साल के अंदर हो जिसमें Td की 2 डोज लगी थीं। WHO जीवन भर की सुरक्षा के लिए कुल 6 डोज की सलाह देता है।
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सुरक्षा कितने समय रहती है, और खतरे के संकेत
WHO का पोजीशन पेपर बताता है कि सुरक्षा कैसे बनती है। शिशु अवस्था की तीन डोज और दूसरे साल में एक बूस्टर से लगभग 3 से 5 साल की सुरक्षा मिलती है; बचपन का एक और बूस्टर इसे किशोरावस्था तक ले जाता है; और किशोरावस्था का बूस्टर ऐसी इम्यूनिटी देता है जो वयस्क जीवन के बड़े हिस्से तक रहती है। किशोरावस्था या वयस्क उम्र में बूस्टर के 10 साल बाद भी 97% या उससे ज्यादा लोगों में एंटीबॉडी सुरक्षा देने वाले स्तर पर थीं, और आखिरी डोज के 25 से 30 साल बाद दिए गए बूस्टर पर भी शरीर प्रतिक्रिया दे सकता है। बड़ी उम्र के वयस्कों में सुरक्षा में कमी होने की संभावना सबसे ज्यादा होती है।
इसीलिए चोट के बाद सवाल तारीखों का है, इस बात का नहीं कि घाव कैसा दिखता है। अपना टीकाकरण कार्ड, या उसकी फोटो, ऐसी जगह रखें जहां आप उसे ढूंढ सकें।
किसी भी घाव के बाद के दिनों और हफ्तों में टिटनेस के संकेतों पर नजर रखें। जबड़े में अकड़न या मुंह खोलने में दिक्कत, निगलने में दिक्कत, मांसपेशियों में दर्द भरी ऐंठन या अकड़न, सांस लेने में दिक्कत, तेज धड़कन या दौरा हो तो तुरंत इमरजेंसी इलाज चाहिए, और बड़े या गहरे घाव में भी।
कब क्या करें
इमरजेंसी — अभी कदम उठाएं
किसी भी घाव के बाद जबड़े में अकड़न या मुंह खोलने या निगलने में दिक्कत, मांसपेशियों में दर्द भरी ऐंठन या अकड़न, सांस लेने में दिक्कत, तेज धड़कन या दौरा: तुरंत इमरजेंसी में जाएं। बड़े या गहरे घाव के लिए भी इमरजेंसी इलाज चाहिए।
आज ही — तुरंत संपर्क करें
काटा हुआ घाव, जलना, चुभा हुआ घाव, या कोई भी घाव जिसमें धूल, मिट्टी या कुछ फंसा हो, खासकर अगर आपका पूरा टीकाकरण नहीं हुआ है या आपको पक्का नहीं पता: टिटनेस डोज और इम्युनोग्लोबुलिन के बारे में आज ही डॉक्टर को दिखाएं। अगर घाव गर्म, सूजा या लाल हो जाए, या बुखार आ जाए, तो भी आज ही जाएं।
सामान्य — डॉक्टर को दिखाएं
साफ, छोटा घाव, आपका शुरुआती कोर्स पूरा है और आखिरी टिटनेस डोज को 10 साल से कम हुए हैं: घाव साफ करें और उस पर नजर रखें। अपना टीकाकरण कार्ड ढूंढें और देखें कि कोर्स पूरा है; अगर नहीं, तो छूटी हुई डोज के लिए समय लें।
स्रोत
- Tetanus — WHO fact sheetwho.int
- Tetanus vaccines: WHO position paper, February 2017 (Weekly Epidemiological Record)who.int
- Prevention and management of wound infection — WHOwho.int
- Tetanus and adult diphtheria (Td) operational guidelines — National Health Missionnhm.gov.in
- Clinical Guidance for Wound Management to Prevent Tetanus — CDCcdc.gov
- Tetanus — NHSnhs.uk
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